सिल्वर जुबली रीयूनियन के दौरान की गई घोषणा
इस ऐलान की घोषणा आईआईटी दिल्ली परिसर में आयोजित सिल्वर जुबली रीयूनियन के दौरान की गई। इस अवसर पर वर्ष 2000 के छात्र देश और विदेश से दिल्ली पहुंचे और अपने संस्थान से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों ने कैंपस का दौरा किया, फैकल्टी सदस्यों से बातचीत की और मौजूदा छात्रों के साथ संवाद भी किया।

जनरल एंडोमेंट फंड में जाएगा अधिकांश पैसा
बैच 2000 द्वारा दी गई राशि का बड़ा हिस्सा आईआईटी दिल्ली के जनरल एंडोमेंट फंड में डाला जाएगा। इससे संस्थान को लंबे समय तक आर्थिक मजबूती मिलेगी और शैक्षणिक कार्यक्रमों को मजबूत करने, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने, छात्रवृत्ति, फैकल्टी एक्सीलेंस और रणनीतिक पहलों में मदद मिलेगी।
पूर्व छात्रों ने क्यों लिया यह फैसला
बैच की ओर से बात रखते हुए रोहित दुबे, जो आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र और बैच फंडरेजिंग लीड हैं, ने कहा कि आईआईटी दिल्ली ने उन्हें बदलती दुनिया में लगातार सीखते रहने की सोच दी। अब समय है कि इस सीख को आगे बढ़ाया जाए और आने वाली पीढ़ी के वैज्ञानिकों, उद्यमियों और टेक्नोक्रेट्स के भविष्य को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल रकम का मामला नहीं था, बल्कि सामूहिक भागीदारी और साझा जिम्मेदारी की भावना से लिया गया फैसला है।
संस्थान ने जताया आभार
आईआईटी दिल्ली के डीन (एलुमनी रिलेशंस) प्रो. नीलांजन सेनरॉय ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि बैच 2000 की प्रतिबद्धता यह दिखाती है कि पूर्व छात्रों का अपने संस्थान से गहरा जुड़ाव और जिम्मेदारी का भाव कितना मजबूत है। यह योगदान रिसर्च, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए लंबे समय तक असर छोड़ेगा।