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TOEFL: टॉफेल में छात्र को व्यक्तिगत पृष्ठभूमि व जरूरतों के आधार पर परखेंगे; एआई से भी लाया जाएगा सुधार

Mon, 18 Dec 2023 05:19 AM IST
शिव शरण शुक्ला एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

दुनिया में अंग्रेजी माध्यम के विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए गैर-अंग्रेजी भाषी देशों के विद्यार्थी टॉफेल देते हैं। इसका परिणाम 160 देशों के 12 हजार से अधिक शिक्षण संस्थान स्वीकारते हैं। इनमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूके शामिल हैं।
 
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ईटीएस टॉफेल (ETS TOEFL) - फोटो : Logo
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विस्तार
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आने वाले समय में विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी की परीक्षा यानी टॉफेल में छात्र को उसकी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और जरूरतों के अनुसार परखा जाएगा। ऐसा करने से मूल्यांकन प्रणाली में मौजूद कमियां व भेदभाव दूर हो सकेंगे। यह परीक्षा प्रिंसटन स्थित एजेंसी एजूकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ईटीएस) करवाती है। इसके ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट (उच्च शिक्षा व कार्य कौशल) रोहित शर्मा ने साक्षात्कार में बताया कि अगले 2 से 3 साल में नई मूल्यांकन प्रणाली लागू होगी।

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उन्होंने दावा किया कि हर छात्र का व्यक्तिगत मूल्यांकन ही भविष्य के लिहाज से उपयुक्त होगा। इसे ऐसे समझें कि एक भारतीय छात्र और जर्मन छात्र की पृष्ठभूमि एक जैसी नहीं हो सकती। बेहतर होगा कि पंजीकरण के समय इस बारे में बताया जाए। साथ ही जरूरत के बारे में भी बताएं, जैसे छात्र पत्रकारिता के लिए आवेदन कर रहे हैं तो यह बताएं। इससे व्यक्तिगत परीक्षा प्रक्रिया छात्र की लेखन क्षमता जांचने पर ज्यादा जोर देगी। 

160 देशों को टॉफेल मंजूर
दुनिया में अंग्रेजी माध्यम के विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए गैर-अंग्रेजी भाषी देशों के विद्यार्थी टॉफेल देते हैं। इसका परिणाम 160 देशों के 12 हजार से अधिक शिक्षण संस्थान स्वीकारते हैं। इनमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूके शामिल हैं।
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एआई से भी लाएंगे सुधार
शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के जरिए भी सुधार लाए जाएंगे। अगले कुछ महीनों में तैयारी के लिए बेहतर सामग्री जारी होगी। टेस्ट देने वालों को बेहतर फीडबैक व सुधार के लिए जरूरी क्षेत्र बताए जाएंगे, जैसे उन्हें अंग्रेजी पढ़ने, परिभाषित करने, सामग्री का सार बनाने आदि में सुधार करने की जरूरत कहां है। 
परीक्षा की सुरक्षा के लिए भी एआई से सामग्री बनाई जाएगी। यह काम ईटीएस को मुश्किल और महंगा पड़ता है, उसे उम्मीद है कि इसमें एआई मददगार साबित होगी। परीक्षा में एक स्तर पर नकल भी होती है, इसे एआई के जरिए रोका जा सकता है। 

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