लक्ष्य को एक ‘क्यों’ से जोड़ें
लक्ष्य तब आसानी से पूरे होते हैं, जब वे किसी उद्देश्य से जुड़े हों। जब आप यह समझते हैं कि आप कुछ क्यों करना चाहते हैं, तो ध्यान केंद्रित करना और अपने लक्ष्य पर टिके रहना आसान हो जाता है। अपने उद्देश्य को पहचानने से आप यह जान पाते हैं कि क्या करना है और क्या नहीं। उदाहरण के लिए, हो सकता है आप एक सफल व्यवसाय इसलिए शुरू करना चाहते हों, ताकि आप जल्दी रिटायर होकर अपनी पसंद की चीजें कर सकें, तो यह ‘क्यों’ आपको लगातार प्रेरित करता रहेगा।
लक्ष्य हासिल करने का तरीका
अपने बड़े लक्ष्य को आसान बनाने के लिए उसे 90 दिनों की छोटी स्प्रिंट में बांटें। मतलब, बड़े लक्ष्य को छोटे हिस्सों में तोड़ दें, जिन्हें आप हर दिन पूरा कर सकें। जैसे, अगर आप साल में 50 किताबें पढ़ना चाहते हैं, तो पहले 90 दिनों में 10 किताबें पढ़ने का लक्ष्य रखें। शुरुआत के कुछ दिन किताबें चुनने, बुक क्लब या ब्लॉग से जुड़ने और पढ़ने की आदत बनाने में लगाएं। फिर रोज तय समय पर दो अध्याय पढ़ने का नियम बनाएं। इस तरह छोटे चरणों में काम करते हुए आप अपने बड़े लक्ष्य को पूरा कर पाएंगे।
वर्चुअल साथी की मदद लें
हम अक्सर अपनी क्षमताओं को जरूरत से ज्यादा और बाहरी परिस्थितियों को कम आंकते हैं, इसलिए लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो जाता है। अगर किसी कार्य को करने में पहले से ही देरी हो जाती है, तो उसमें एक अतिरिक्त हफ्ता जोड़ लें। समय पर याद दिलाने के लिए ड्यू या टोडोइस्ट जैसे एप का इस्तेमाल करें, और चाहें तो किसी वर्चुअल साथी की मदद लें, जो आपको समय-समय पर प्रेरित कर सके। हर दिन कुछ घंटे सिर्फ ध्यान से काम करने के लिए तय करें और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संबंधित लोगों से नियमित बात करते रहें।
निरंतरता पर ध्यान केंद्रित करें
जितना हम किसी काम को लेकर तनाव लेते हैं, उसे पूरा करना उतना ही मुश्किल हो जाता है। इसलिए, बेहतर है कि आप उन कामों को जारी रखें, जिन्हें पहले शुरू किया है और धीरे-धीरे उनमें सुधार करें। जैसे, अगर आप सोने से पहले पढ़ने की आदत डाल चुके हैं, तो इस महीने दो नई किताबें पढ़ने का लक्ष्य रखें। इस तरह पुराने कामों को आगे बढ़ाने से लक्ष्य आसान लगते हैं।