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शिक्षकों को लेकर जारी हुआ जरूरी निर्देश, उल्लंघन किया तो रद्द हो सकती है मान्यता

Wed, 30 Oct 2019 07:45 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

  • एआईसीटीई ने राज्यों, राज्यपाल और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को लिखा पत्र
  • उल्लंघन पर मान्यता रद्द व अनुशासनात्मक कार्रवाई
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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एक शिक्षक एक ही समय में दो या ज्यादा संस्थानों में अपनी सेवाएं (काम) नहीं दे सकता है। एआईसीटीई (AICTE) ने ‘शेयरिंग फैकल्टी’ पाए जाने पर उच्च शिक्षण संस्थानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से लेकर उनकी मान्यता तक रद्द कर देने की चेतावनी दी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इसके लिए सभी राज्य सरकारों, राज्यपालों, तकनीकी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा तकनीकी संस्थानों को पत्र लिखा है।

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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की तकनीकी शिक्षा नियामक विंग एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि तकनीकी उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा पैसा बचाने के मकसद से शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करने की बात जानकारी में आई है। 

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एआईसीटीई को जानकारी मिली है कि एक संस्थान एक शिक्षक सेे अपने दो से ज्यादा परिसर में सेवाएं ले रहे हैं। जबकि नियमानुसार एक शिक्षक सिर्फ एक कैंपस में सेवाएं दे सकता है। यदि कोई संस्थान ऐसा करता पाया जाता है तो यह शिक्षा की गुणवत्ता से खिलवाड़ होने के साथ ही मान्यता हासिल करते समय एआईसीटीई के पास जमा कराए गए शपथ पत्र का भी उल्लंघन होगा। इसके लिए संस्थान पर कार्रवाई होगी।

छात्र और शिक्षक दें इस गड़बड़ी की जानकारी

एआईसीटीई ने छात्रों और शिक्षकों से ऐसी गड़बड़ी की जानकारी देने का भी आग्रह किया है। इसके लिए परिषद को लिखित शिकायत भेजने के लिए कहा गया है। साथ ही एआईसीटीई ने अपने स्तर से भी तकनीकी संस्थानों में औचक निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है।

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बड़ा है गोलमाल

एआईसीटीई ने शिक्षकों की स्थिति को लेकर साल 2017 में औचक निरीक्षण कराया था। तब पाया गया कि देश में एक लाख से ज्यादा शिक्षक एक से ज्यादा संस्थानों में सेवा दे रहे थे।

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