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TN Govt: कांग्रेस नेता के. कामराज के नाम पर होगी नाश्ता योजना, अब कक्षा 6-8 के छात्रों को भी मिलेगा लाभ

Thu, 23 Jul 2026 01:51 PM IST
Shahin Praveen एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Tamil Nadu Breakfast Scheme: तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री नाश्ता योजना का नाम बदलकर दिवंगत कांग्रेस नेता के. कामराज के नाम पर रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसे कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए भी लागू करने की घोषणा की है।
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Tamil Nadu Breakfast Scheme - फोटो : AI
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विस्तार
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CM Breakfast Scheme: तमिलनाडु सरकार ने दिवंगत मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता के. कामराज को सम्मान देते हुए 'मुख्यमंत्री नाश्ता योजना' का नाम बदलकर 'पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना' कर दिया है। 

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के. कामराज को तमिलनाडु में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने वाले नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने वर्ष 1956 में स्कूलों में मिड-डे मील योजना शुरू की थी, ताकि अधिक से अधिक बच्चे स्कूल आएं और पढ़ाई जारी रखें। बाद में 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) ने इस योजना का विस्तार कर इसे 'पुराची थलैवर एमजीआर पौष्टिक भोजन योजना' का नाम दिया था।

उनके बाद आए नेताओं - एम. करुणानिधि और जे. जयललिता - ने समय के साथ इस योजना के तहत मिलने वाले पोषण में सुधार किया था। एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली पिछली DMK सरकार ने 15 जुलाई 2022 को कामराज की जयंती के मौके पर कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए 'मुख्यमंत्री नाश्ता योजना' (Chief Minister's Breakfast Scheme) शुरू की थी।

योजना का विस्तार, अब कक्षा 8 तक के छात्रों को मिलेगा लाभ

मिलनाडु सरकार ने स्कूल जाने वाले बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के योगदान को सम्मान देने के लिए इस योजना का नाम बदलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने 15 जुलाई को आदेश जारी कर 'मुख्यमंत्री नाश्ता योजना' का नाम बदलकर 'पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना' कर दिया। साथ ही, योजना का लाभ अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भी दिया जाएगा।

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सरकार ने घोषणा की है कि नई कक्षाओं के छात्रों को 17 सितंबर से इस योजना में शामिल किया जाएगा। यह दिन समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। योजना का विस्तार होने से राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के अधिक छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
 

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योजना से जुड़ी मुख्य बातें

  • योजना के विस्तार से कक्षा 6 से 8 के करीब 15.14 लाख छात्र लाभान्वित होंगे।
  • इसके बाद योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 35 लाख हो जाएगी।
  • सरकार ने योजना के विस्तार के लिए 343.55 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी है।
  • चालू वित्त वर्ष में इस विस्तार को लागू करने के लिए 217.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • यह योजना वर्तमान में राज्य के 37,447 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में संचालित की जा रही है।
  • छात्रों को सप्ताह के दिनों में उपमा, खिचड़ी, पोंगल जैसे पौष्टिक नाश्ते दिए जाते हैं।
  • शुक्रवार को विशेष रूप से 'रवा केसरी' परोसी जाती है।
  • नाश्ते में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटे अनाज (मिलेट) का भी उपयोग किया जाता है।
  • एक भोजन से बच्चों को लगभग 293 कैलोरी ऊर्जा और 9.85 ग्राम प्रोटीन मिलता है।
  • इसके अलावा नाश्ते में आयरन और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी शामिल होते हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में मदद करते हैं।
तमिलनाडु सरकार ने दिवंगत मुख्यमंत्री के सम्मान में, पिछली DMK सरकार की 'मुख्यमंत्री नाश्ता योजना' का नाम बदलकर 'पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना' कर दिया है। इसका नाम दिवंगत कांग्रेस नेता के. कामराज के नाम पर रखा गया है।

कामराज को राज्य के शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने गरीबी से निपटने और स्कूलों में बच्चों के दाखिले को बढ़ावा देने के लिए 1956 में स्कूलों में 'मिड-डे मील' (दोपहर के भोजन) की योजना शुरू की थी। बाद में, 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन ने इस योजना को 'पुराची थलैवर MGR पौष्टिक भोजन योजना' में बदल दिया था।
 
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