मुंबई ने लगाई बड़ी छलांग
भारतीय शहरों में सबसे अच्छा प्रदर्शन मुंबई का रहा। पिछले साल मुंबई 98वें स्थान पर था, लेकिन इस बार 7 स्थान की बढ़त के साथ 91वें स्थान पर पहुंच गई है। मुंबई को कुल 61.8 अंक मिले हैं और यह भारत का सबसे बेहतर छात्र शहर बन गया है।
मुंबई को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के अवसर के मामले में दुनिया में 34वीं रैंक मिली है। वहीं किफायती शिक्षा की श्रेणी में इसे 12वां स्थान मिला है।
दिल्ली पहली बार टॉप-100 में पहुंचा
देश की राजधानी दिल्ली ने भी इस बार शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले साल 104वें स्थान पर रहने वाला दिल्ली शहर इस बार 99वें स्थान पर पहुंच गया है और पहली बार वैश्विक टॉप-100 में शामिल हुआ।
दिल्ली को अफोर्डेबिलिटी (Affordability) श्रेणी में 93.9 अंक मिले हैं, जो इस श्रेणी में दुनिया में सबसे अधिक हैं। इसी वजह से दिल्ली को दुनिया का सबसे किफायती छात्र शहर माना गया है।
बेंगलुरु और चेन्नई भी सूची में शामिल
रैंकिंग में भारत के अन्य शहरों ने भी अपनी जगह बनाई है। बेंगलुरु संयुक्त रूप से 114वें स्थान पर रहा, जबकि चेन्नई 123वें स्थान पर है। इससे साफ है कि भारतीय शहर वैश्विक स्तर पर छात्रों के लिए लगातार बेहतर विकल्प बन रहे हैं।
रैंकिंग्स में कौन से भारतीय शहर शामिल हैं?
क्यूएस बेस्ट स्टूडेंट सिटीज़ रैंकिंग 2027 में कुल 150 शहर शामिल हैं। इनमें चार भारतीय शहर हैं, जोकि इस प्रकार हैं:
| शहर |
वैश्विक रैंक 2027 |
| मुंबई |
91 |
| दिल्ली |
99 |
| बेंगलुरु |
114 (संयुक्त) |
| चेन्नई |
123 |
किन आधारों पर तैयार होती है क्यूएस बेस्ट स्टूडेंट सिटीज़ रैंकिंग?
क्यूएस बेस्ट स्टूडेंट सिटीज़ रैंकिंग में केवल उन्हीं शहरों को शामिल किया जाता है, जिनकी आबादी कम से कम 2.5 लाख हो और जहां कम से कम दो विश्वविद्यालय क्यूएस की वैश्विक रैंकिंग में शामिल हों।
इस साल दुनिया के 150 शहरों का मूल्यांकन छह प्रमुख मानकों पर किया गया। इनमें शामिल हैं-
- विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता
- पढ़ाई के बाद रोजगार के अवसर
- पढ़ाई और रहने का खर्च (अफोर्डेबिलिटी)
- शहर में रहने की पसंद
- छात्रों की विविधता
- छात्रों का समग्र अनुभव