Karnataka Hijab Row: सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार 05 सितंबर, 2022 को कर्नाटक हिजाब विवाद मामले पर सुनवाई हुई। यह सुनवाई दोपहर 02 बजे शुरू हुई। कुछ समय पहले शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनकर प्रवेश पर रोक लगाने के कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई विभिन्न याचिकाओं पर सर्वोच्च अदालत में सुनवाई की गई है।
पक्ष ने रखी दलीलें
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धुलिया की बेंच ने हिजाब के मामले पर सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील संजय हेगड़े और राजीव धवन ने दलीलें रखी। इससे पहले सुनवाई को टालने की मांग पर जज नाराज भी हुए। जस्टिस हेमंत गुप्ता ने याचिकाकर्ताओं के वकीलों पर नाराज हुए और कहा कि ये फोरम शॉपिंग नहीं चलेगा। पहले आपकी ओर से जल्द सुनवाई की मांग की जा रही थी और अब आप इसे टालने की मांग कर रहे हैं।
सुनवाई 7 तक टली
सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को बरकरार रखने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई बुधवार, 7 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।अब मामले पर अगली सुनवाई बुधवार को होगी।
कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी
इससे पहले हिजाब प्रतिबंध मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया था। इस मामले में शीर्ष अदालत ने सुनवाई के लिए पांच सितंबर की तारीख तय की थी। विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जो स्कूलों और कॉलेजों में ड्रेस के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश देता है।
क्या है पूरा विवाद?
कर्नाटक में हिजाब पर विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब उडुपी के एक सरकारी स्कूल में कुछ छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षा में जाने पर रोक लगा दी गई थी। इसे लेकर देश के कई हिस्सों में काफी प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान आठ फरवरी को मांड्या में पीईएस कॉलेज के अंदर छात्रों ने भी प्रवेश किया था और नारेबाजी की थी। इसके बाद यह विवाद और बढ़ गया। जय श्री राम के नारे लगाती भीड़ के सामने 19 साल की मुस्कान खान ने अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए थे। इसके बाद मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा और हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि हिजाब इस्लाम धर्म का अभिन्न अंग नहीं है, इसलिए राज्य सरकार को इसे स्कूलों के अंदर यूनिफॉर्म का हिस्सा बनाने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।