जुलाई 2024 में किया था संशोधित
तेलंगाना सरकार के अधीन निगमों, एजेंसियों और संस्थानों में कार्यरत उन कर्मचारियों के बच्चों को प्रवेश में विशेष छूट दी गई है, जिनकी सेवा शर्तों के अनुसार पूरे भारत में ट्रांसफर हो सकता है। यदि ऐसे कर्मचारी उम्मीदवार की पढ़ाई के दौरान तेलंगाना से बाहर पदस्थापित रहे हों, तो उनके बच्चों को इस आधार पर लाभ मिलेगा। हालांकि, इसके लिए अभ्यर्थी को सक्षम प्राधिकारी से प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिससे यह साबित हो कि पढ़ाई के वर्षों में अभिभावक ने तेलंगाना से बाहर सेवा दी है।
हाईकोर्ट में कई याचिकाओं के जरिए तेलंगाना मेडिकल और डेंटल कॉलेज प्रवेश नियम, 2017 (MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश) की वैधता को चुनौती दी गई थी। खासकर, नियम 3(ए) पर सवाल उठाए गए थे, जिसे 19 जुलाई 2024 को संशोधित किया गया था।
15% सीटें पहले ही आवंटित
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की राय से असहमति जताते हुए कहा कि संशोधन से पहले का नियम, जिसमें स्थानीय उम्मीदवार की परिभाषा दी गई थी, पूरी तरह सही था। वही तर्क संशोधित नियम पर भी समान रूप से लागू होता है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब नियम की परिभाषा साफ है, राष्ट्रपति आदेश के अनुरूप है और पहले भी समान नियमों को बाध्यकारी मिसाल के रूप में मान्यता दी जा चुकी है, तो इसे "रीड डाउन" करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। अदालत ने कहा कि संशोधित नियम पर भी अलग दृष्टिकोण अपनाने का कोई कारण नहीं है।
साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि 15% सीटें पहले ही अखिल भारतीय कोटे (All India Quota) के तहत आवंटित की जा चुकी हैं।