सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मार्च में NTF का गठन किया था। इसका मकसद छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों से निपटना और देश भर के HEI में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भलाई से जुड़ी चिंताओं की जांच करना था।
इस टास्क फोर्स के प्रमुख जस्टिस एस. रवींद्र भट हैं। इसमें मानसिक स्वास्थ्य, महिला अध्ययन और दिव्यांगों से जुड़े क्षेत्र के कई विशेषज्ञ शामिल हैं। इनमें मशहूर साइकियाट्रिस्ट आलोक सरीन, सेंटर फॉर विमेंस डेवलपमेंट स्टडीज की पूर्व डायरेक्टर मैरी ई. जॉन, नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट फॉर डिसेबल्ड पीपल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरमान अली, अमन सत्य कचरू ट्रस्ट के फाउंडर राजेंद्र कचरू और NIMHANS की क्लिनिकल साइकोलॉजी प्रोफेसर सीमा मेहरोत्रा शामिल हैं।