उच्चतम न्यायालय ने सोमवार यानी 24 जून को बॉम्बे उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। आपको बता दें कि चिकित्सा क्षेत्र में पीजी कोर्सेस में एडमिशन के लिए मराठों के लिए 16 प्रतिशत कोटा के खिलाफ याचिका दर्ज की गई थी, जिसे अब खारिज कर दिया है।
इस मामले में जस्टिस संजीव खन्ना और बी आर गवई की पीठ ने कहा है कि प्रवेश प्रक्रिया 17 जून को समाप्त हो गई है और इस याचिका पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। पीठ ने यह भी कहा कि इस समय किसी तरह का आदेश देने से मुश्किल परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।"
महाराष्ट्र विधान परिषद ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से चिकित्सा क्षेत्र में पीजी कोर्सेस में मराठा समुदाय को आरक्षण प्रदान करने वाले अध्यादेश को मंजूरी दी थी।
दरअसल, 13 जून 2019 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के मराठा आरक्षण के अध्यादेश को चुनौति देने वाली एक याचिका खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ता समीर ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा था कि महाराष्ट्र सरकार का यह अध्यादेश शीर्ष कोर्ट द्वारा बताए कानून के खिलाफ है और इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए। शीर्ष कोर्ट का यह फैसला इसी याचिका की सुनवाई पर आया है।