एनटीए को बदलने की मांग
यह मामला फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। संगठन ने मांग की है कि नीट यूजी जैसी बड़ी परीक्षा कराने के लिए मौजूदा व्यवस्था की जगह एक मजबूत और स्वायत्त संस्था बनाई जाए।
याचिका में कहा गया है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं 22.7 लाख से अधिक छात्रों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। संगठन ने यह भी मांग की कि नई संस्था बनने तक सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक हाई-पावर मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाए। इसमें एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और फॉरेंसिक वैज्ञानिक को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
इसरो के पूर्व प्रमुख वाली समिति से भी मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा गठित उस समिति से भी जवाब मांगा है जिसकी अध्यक्षता पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन कर रहे हैं। इस समिति को एनटीए की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए बनाया गया था। अदालत ने पूछा है कि आयोग की सिफारिशों पर क्या प्रगति हुई है।
3 मई को हुई थी परीक्षा, बाद में रद्द हो गई
नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं को एक साथ सुनने का फैसला किया है।