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NEET PG 2025: नीट पीजी की कट-ऑफ घटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- 'खाली सीटों और गुणवत्ता का संतुलन जरूरी'

Fri, 06 Feb 2026 06:54 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ अचानक घटाने पर एनबीईएमएस से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सीटें खाली रहने और मेडिकल शिक्षा के स्तर बनाए रखने के बीच संतुलन की बात कही। याचिकाकर्ताओं ने इसे नियमों और समानता के अधिकार के खिलाफ बताया है।
 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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NEET PG 2025-26: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-PG 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल में भारी कमी किए जाने पर नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि खाली सीटों और मेडिकल शिक्षा के स्तर के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

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कोर्ट ने मांगा हलफनामा

जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने एनबीईएमएस को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि एक तरफ सीटें खाली नहीं रहनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर मानकों से समझौता भी नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ताओं ने क्या सवाल उठाए?

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल संकरणारायणन ने दलील दी कि पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन में अंक या कट-ऑफ को केवल असाधारण परिस्थितियों में ही बदला जा सकता है। उनका कहना था कि पीजी स्तर पर मानक और कड़े होने चाहिए।

कट-ऑफ में बड़ी कटौती

देशभर में करीब 18,000 पीजी मेडिकल सीटें खाली रहने के बाद एनबीईएमएस ने नीट पीजी 2025 के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में बड़ा बदलाव किया था। नोटिस के अनुसार, जनरल कैटेगरी का कट-ऑफ 50 से घटाकर 7 पर्सेंटाइल कर दिया गया, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 40 से घटाकर शून्य पर्सेंटाइल कर दिया गया।

याचिका में क्या कहा गया

सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्रता नियमों में बदलाव संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया कि उम्मीदवारों ने मूल कट-ऑफ के आधार पर तैयारी और करियर से जुड़े फैसले किए थे।

मेडिकल समुदाय की प्रतिक्रिया

मेडिकल समुदाय के कई वर्गों ने एनबीईएमएस के फैसले को 'अभूतपूर्व और तर्कहीन' बताते हुए पीजी मेडिकल शिक्षा के स्तर पर असर पड़ने की आशंका जताई है।
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नीट पीजी की अगली सुनवाई कब है?

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है। कोर्ट अब एनबीईएमएस से यह स्पष्ट करने को कह रहा है कि सीटें भरने और गुणवत्ता बनाए रखन
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