सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आईआईटी-जेईई के एक अभ्यर्थी द्वारा दायर उस रिट याचिका को खारिज कर दिया जिसमें केंद्र, शिक्षा मंत्रालय और जेईई एडवांस, खड़गपुर के आयोजन अध्यक्ष को आईआईटी गुवहाटी में उसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में सीट आवंटित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। ओबीसी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंकिंग(एआईआर) 1008 हासिल करने वाले इस याचिकाकर्ता छात्र ने कहा था कि उसके द्वारा अनजाने में हुई गलती को सुधारा जाए।
जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि ऐसा करने से सब कुछ अस्त-व्यस्त हो जाएगा। छात्र से संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण, 2021 के समक्ष संस्थान एवं शैक्षणिक कार्यक्रम के लिए अपनी पसंद दाखिल करते समय दुर्भाग्य से इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, आईआईटी गुवहाटी की बजाय इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, आईआईटी ख?गपुर का चयन हो गया था।
याचिकाकर्ता का कहना था कि उससे यह गलती से हो गया था क्योंकि पसंद पर क्लिक करने का समय समाप्त होने वाला था। पसंद पर क्लिक करने का समय 25 अक्टूबर शाम 5 बजे तक था और उसने 4.59 बजे अपनी पसंद के लिए क्लिक किया था, जिसके बाद सिस्टम लॉक कर दिया गया था।