हौसले बुलंद हो तो कामयाबी हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती। सपने हर कोई देखता है बस उन्हें सच करने का दिल में जूनून होना चाहिए। सिर्फ 7 साल की एक कश्मीरी बच्ची ने इस बात को सच कर दिखाया है। हौसलों और उमंगों से भरी ये लड़की मोहम्मद अली बनना चाहती है और भारत का नाम पूरे विश्व मे रोशन करना चहती है। इसकी उम्र बहुत छोटी है पर सपने बहुत बड़े हैं।
कश्मीर की कोमल वादियों से निकलकर ये बच्ची अपने रफ एंड टफ बॉक्सिंग के जरिए आसमान को छूना चाहती है।
नेशनल किकबॉक्सिंग चैम्पियनशिप
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कश्मीर के तर्कपोरा की रहने वाली तजामुल इस्लाम पहली कश्मीरी लड़की है जो इटली में होने वाले वर्ल्ड किकबॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भारत का नाम रोशन करेगी। तजामुल ने 2015 में दिल्ली में हुए नेशनल किकबॉक्सिंग चैम्पियनशिप में सब जूनियर कैटेगिरी में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद ही उसका नाम इस साल नवंबर में होने वाले वर्ल्ड किकबॉक्सिंग चैम्पियनशिप के लिए चुना गया।
तजामुल का कहना है कि वो बहुत खुश है कि उसे इटली जाने का मौका मिला है। वो अपने देश और अपने परिवार के लिए जीतना चाहती है। 2014 में तजामुल ने एक लोकल एकाडमी में दाखिला लिया था जो मार्शल आर्ट सिखाते हैं।
मार्शल आर्ट सिखती तजामुल
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बचपन से ही उसे फाइटर बनना था। स्टेट लेवल चैम्पियनशिप में उसे जम्मू-कश्मीर के सर्वश्रेष्ठ फाइटर का खिताब दिया गया। उस समय तजामुल का वजन मात्र 25 किलो था लेकिन उसने अपनी विपक्षी को ऐसे हराया जैसे वो बर्सो से बॉक्सिंग चैम्पियन रही हो।
वहीं नेशनल किकबॉक्सिंग चैम्पियनशिप के समय तजामुल दूसरी कक्षा में पढ़ती थी जबकि उसकी विपक्षी खिलाड़ी की उम्र 13 साल थी। इस बात का भी उस बच्ची पर कोई असर नहीं पड़ा और जादू की छड़ी घुमाने की तरह सिर्फ 15 मिनट में उसने खेल जीत लिया। उसे इस चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल मिला। अब वह वर्ल्ड किकबॉक्सिंग चैम्पियनशिप के लिए पूरी तरह से तैयार है। उसके माता-पिता को भी अपनी छोटी सी बच्ची पर बहुत गर्व है।