जयश्री कोटागिरी के पास कुरुकाथी की रहने वाली हैं। उनके पिता जे मणि एक सेवानिवृत्त ग्राम प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं। जयश्री ने अपनी स्कूली शिक्षा और कॉलेज (एम.ई कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) कोयंबटूर में पूरी की। इसके बाद जयश्री दक्षिण अफ्रीका गईं, जहां पायलट बनने के लिए आवश्यक उड़ान घंटों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की और वापस भारत लौट आईं।
शुरुआत में उनके परिवार के सदस्यों ने विदेश में उड़ान भरने के उनके विचार का समर्थन नहीं किया लेकिन बाद में उनकी बात मान ली। बता दें कि बडुगा अपनी सांस्कृतिक और भाषाई पहचान के साथ ऊटी और कुन्नूर क्षेत्र के आसपास रहने वाला एक घनिष्ठ आदिवासी समुदाय है।