शायरी चहल, www.sheroes.in की फाउंडर हैं। शीरोस महिलाओं के रोजगार के लिए चलाया जाने वाला एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। देश में उद्यमिता को लेकर उनसे बात की शहरयार हुसैन ने। पेश हैं बात चीत के मुख्य अंश...
'प्रैक्टिस मेक्स अ मेन परफेक्ट' पुरुषों के लिए कही गई एक कहावत लेकिन महिलाओं का क्या? उनके लिए ऐसी कोई कहावत नहीं है क्योंकि लोग कहते हैं कि वो परफेक्ट हैं और आप उनमें से एक हैं। 'वीमेन ऑफ प्योर वंडर' की चौथी कड़ी में आपका नाम आया है। कैसा महसूस हो रहा है?
(मुस्कुराते हुए)! मुझे भी लोगों से बहुत मदद मिली तब जा कर आज मैं यहां पहुंची हूं। हम सफल होते हैं क्योंकि कोई न कोई होता है जो हमारी मदद के लिए खड़ा होता है। आपके काम को तारीफ मिले ये अपने आप में एक बहुत बड़ा एहसास है। मैं बहुत ही शानदार महसूस करती हूं जब मेरे काम और महिला सशक्तिकरण को लेकर बातें की जाती हैं।
एक पत्रकार के अलावा लोग आपको एक जाने माने वेबसाइट 'शीरोस' के लिए जानते हैं जो कि रोजगार की तलाश कर रही महिलाओं की मदद करती है। इन दोनों को एक साथ मैनेज करना कितना मुश्किल था?
हां...वास्तव में, मैंने बहुत कुछ किया है। मैं दिल से हमेशा एक उद्यमी ही रही हूं। जब मैंने अपने करियर की शुरुआत की थी यानि लगभग 20 साल पहले तब मैं एक पत्रकार थी।
कामकाजी महिलाओं के लिए वेबसाइट लॉन्च करने का ख्याल दिमाग में कब आया?
ये कई सालों से मेरे दिमाग में था। हमने इसे 14 जनवरी, 2014 को लॉन्च किया। इस पर हमें बेहद ही शानदार प्रतिक्रिया मिली। हमारी वेबसाइट पर तकरीबन 20,000 से भी ज्यादा जगहों से महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वो सभी दूसरी महिलाओं की मदद कर रही हैं। हमारे पास इंडस्ट्री के सलाहकार हैं जो हमारी सदस्यों के साथ अपनी जरूरी जानकारी साझा करते रहते हैं। हम सीखने सीखाने वाली सामग्री वेबसाइट पर डालते हैं। हमारी ऑनलाइन कम्युनिटी अब 10 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है।
sheroes.in कैसे महिलाओं के सपनों को सच करने में मदद करता है?
मूलभूत तौर पर हम सुझाव देते हैं। हम एक करियर हेल्पलाइन चलाते हैं। वो हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर सलाह और जरूरी जानकारी ले सकती हैं। वो नौकरियां ढूंढ सकती हैं। हम कंपनियों के साथ घर से काम करने की सेवा पर भी ध्यान देते हैं। ताकि महिलाओं को घर बैठे काम करने की भी सुविधा मिल सके।