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UPSC Success Story: 10वीं में 35-36 नंबर पाकर पास हुए थे तुषार, लेकिन टैलेंट ने बना दिया आईएएस, पढ़ें रोचक कहानी

Sun, 12 Jun 2022 04:00 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Success Story of IAS Tushar D Sumera: तुषार ने अपने हाईस्कूल और इंटर में केवल उतने अंक ही हासिल कर पाए थे जितने में वह पास हो सकें। लेकिन अपनी मेहनत और लग्न से बाद में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की और अपने सपने को पूरा किया। 
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तुषार डी सुमेरा, आईएएस अधिकारी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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UPSC Success Story: साल 2009 में बनी फिल्म ‘थ्री इडियट’ का यह डायलॉग तो आपको याद ही होगा ‘कामयाबी के पीछे मत भागो, काबिल बनो, कामयाबी झक मार के तुम्हारे पास आएगी।’ बस कुछ ऐसी ही कहानी है भरूच के कलेक्टर तुषार डी सुमेरा की।

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आम तौर पर कहा जाता है कि संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को क्वालीफाई करने वाले पढ़ाई में बेहद तेज-तर्रार होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है, सफलता किसी की मोहताज नहीं होती है। इस कहावत को सही साबित किया है तुषार दलपतभाई सुमेरा ने। उन्होंने न केवल यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को क्वालीफाई किया, बल्कि अच्छी रैंक लेकर आईएएस भी बनकर दिखाया। आइए जानते हैं आईएएस तुषार डी सुमेरा की सफलता की कहानी- 

आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने साझा की मार्कशीट

तुषार ने अपने हाई स्कूल और इंटर परीक्षा में केवल उतने अंक ही हासिल कर पाए थे जितने में वह पास हो सकें। उस समय तक वे एक और स्टूडेंट थे। लेकिन अपनी मेहनत और लग्न से बाद में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की और अपने सपने को पूरा किया। छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने हाल ही में तुषार सुमेरा की मेहनत और सफलता का जिक्र करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर उनकी तस्वीर और उनकी दसवीं की मार्कशीट साझा की है।
 



 

आईएएस तुषार को 10वीं व 12वीं में मिले थे केवल इतने अंक 

आईएएस अवनीश शरण ने बताया कि वर्ष 2012 बैच के आईएएस अफसर तुषार डी सुमेरा ने अपने हाईस्कूल की परीक्षा में महज पासिंग मार्क्स ही हासिल किए थे। मार्कशीट के अनुसार, उनके गणित विषय में 36, अंग्रेजी में 35 और विज्ञान में केवल 38 नंबर ही आए थे। उनका यह रिकार्ड इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सफलता के लिए नंबर नहीं टैलेंट मायने रखता है। 
 

तुषार दलपतभाई सुमेरा, आईएएस अधिकारी - फोटो : सोशल मीडिया

पहले बीए-बीएड की फिर बच्चों को पढ़ाने लगे

आपको बता दें कि तुषार सुमेरा ने जैसे-तैसे दसवीं परीक्षा पास की और अपनी आगे की पढ़ाई भी जारी रखी। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई पर देना शुरू किया और पहले कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद फिर बीए और बीएड डिग्री हासिल की। इसके बाद करिअर को गति देने के लिए उन्होंने बतौर सहायक शिक्षक की नौकरी शुरू की। 

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ऐसे शुरू की UPSC की तैयारी

सहायक शिक्षक के नौकरी करते-करते सुमेरा ने अपना एक लक्ष्य बना लिया और उसकी तैयारी में जी-जान से जुट गए। वह पढ़ाने- पढ़ाने के साथ-साथ ही खुद पढ़कर संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने लगे और साल 2012 में उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा न केवल पास की बल्कि अच्छी रैंक पाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भी बनें।  
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