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Success Story: UPSC के पहले प्रयास में असफल होने पर नहीं मानी हार, दूसरे प्रयास में चौथी रैंक हासिल कर बनी IAS

Sat, 22 Jul 2023 11:12 AM IST
श्वेता महतो एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

आईएएस स्मिता सभरवाल सबसे सक्रिय सिविल सेवा अधिकारियों में से एक हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। ट्विटर पर 4 लाख से अधिक लोग उन्हें फॉलो करते हैं।
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IAS Smita Sabharwal - फोटो : Social Media
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विस्तार
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यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। परीक्षार्थी इसकी तैयारी के लिए 14-15 घंटे पढ़ाई करते हैं। हालांकि इसके बावजूद कई ऐसे रह जाते हैं जिनका सेलेक्शन नहीं हो पाता है और वह उम्मीद छोड़ देते हैं।

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कुछ परीक्षार्थी ऐसे भी होते हैं जो पहले प्रयास में असफल होने के बाद दूसरे प्रयास में पहले से ज्यादा मेहनत कर जीत हासिल करते हैं। ऐसा कुछ आईएएस स्मिता सभरवाल ने कर दिखाया। उन्होंने यूपीएससी के दूसरे प्रयास में चौथी रैंक लाकर एक मिसाल कायम कर दी।

आईएएस स्मिता सभरवाल के सफलता की कहानी 
साल 2000 में स्मिता सभरवाल ने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। स्मिता अपने पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी क्वालीफाई नहीं कर पाई थीं, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की। स्मिता महज 23 वर्ष की थीं जब उन्होंने यूपीएससी क्रैक किया था। केवल यूपीएससी ही नहीं स्मिता बोर्ड परीक्षा की भी टॉपर रह चुकी हैं। 

स्मिता ने हैदराबाद के मेरेडपल्ली के सेंट एंस से स्कूली शिक्षा हासिल की। कक्षा 12वीं में उन्होंने ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने सेंट फ्रांसिस डिग्री कॉलेज फॉर वूमेन से बीकॉम किया।

IAS Smita Sabharwal - फोटो : Social Media
सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं स्मिता सभरवाल 
आईएएस स्मिता सभरवाल सबसे सक्रिय सिविल सेवा अधिकारियों में से एक हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। ट्विटर पर चार लाख से ज्यादा लोग उन्हें फॉलो करते हैं। ट्विटर में वह काफी एक्टिव रहती हैं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय साझा करती रहती हैं। 

ट्विटर के अलावा इंस्टाग्राम में भी उन्हें पसंद किया जाता है। वह अक्सर अपनी फोट और वीडियो शेयर करती रहती हैं। स्मिता ने अपनी पढ़ाई के बारे में काफी कुछ शेयर करती रहती हैं। उन्होंने बताया कि वह छह घंटे पढ़ाई करती थीं और प्रेशर को दूर करने के लिए कई एक्टिविटी किया करती थीं।
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खुद को कहती हैं आर्मी ब्रैट 
मूल रूप से दार्जिलिंग की रहने वाली आईएएस स्मिता सभरवाल खुद को आर्मी ब्रैट कहती हैं। दरअसल, स्मिता के पिता कर्नल पीके दास एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी हैं। एक आईएएस अधिकारी के तौर पर स्मिता अपने सराहनीय काम के लिए काफी चर्चित हैं।
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