यूपीएससी की परीक्षा देशभर में बहुत ही कम परीक्षार्थी पास करने में कामयाब हो पाते हैं। इस परीक्षा को पास करने वाले परीक्षार्थियों ने समाज में मिसाल खड़ा किया है। उन्हीं में से एक आयुषी डबास है, जो दृष्टिबाधित होने के बावजूद यूपीएससी की परीक्षा पास की और आईएएस बनी।
दृष्टिबाधित होने के बावजूद पास की UPSC
रानी खेड़ा की रहने वाली आयुषी डबास दृष्टिबाधित होने के बावजूद यूपीएससी की तैयारी में जुटी रही। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने गृहनगर से ही की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज के अपनी ड्रिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने इग्नू से इतिहास में पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई की।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षिका के तौर पर की। दृष्टिबाधित होने के कारण उन्हें बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता था। पढ़ाई में होशियार आयुषी इसी के साथ यूपीएससी की तैयारी की और पांचवे प्रयास में परीक्षा पास की।
पांचवें प्रयास में पास की UPSC
आयुषी दस साल से शिक्षिका हैं। साल 2019 में दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (डीएसएसएसबी) टेस्ट पास कर एक इतिहास शिक्षिक के तौर पर काम करना शुरू किया। दृष्टिबाधित होने के बावजूद 29 वर्षीय आयुषी डबास ने देश की सबसे कठीन परीक्षा की तैयारी करने का मन बनाया। अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने इस परीक्षा को पांचवें प्रयास में पास किया। पांच साल की कड़ी मेहनत के बाद आयुषी ने 48वीं रैंक के साथ यापीएससी 2021 पास किया।
मां ने जताया भरोसा
आयुषी की मां एक हाउसवाइफ हैं और पिता पंजाब में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। यूपीएससी पास करने के बाद आयुषी ने इस सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया। उनकी मां एक वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी थी, जो 2020 में सेवानिवृत्त हो गईं। उन्होंने अपनी बेटी पर की परीक्षा पास करने की क्षमता पर भरोसा जताया था।