फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता चलाते हैं परचून की दुकान, बेटे ने इंजीनियर बनकर नाम किया रोशन, पूरा करना चाहते हैं ये सपना

Wed, 02 May 2018 09:12 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
Akshat Vijay
विज्ञापन

जेईई मेन में 256 अंक हासिल करने वाले अक्षत विजय की कहानी हर युवा के लिए मिसाल है। अक्षत के पिता कुसुम कुमार परचून की दुकान चलाते हैं और मां कांति देवी गृहिणी हैं।

विज्ञापन


जेईई मेन परीक्षा में देर शाम तक आए नतीजों में सर्वाधिक 256वीं रैंक हासिल करने वाले अक्षत विजय का सपना आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में मुकाम हासिल करना है। 12वीं के बाद से ही वह इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं। अक्षत का कहना है कि उन्होंने देहरादून में तैयारी की है।

जेईई मेन में 256 अंक हासिल करने वाले अक्षत विजय यूं तो राजस्थान के रहने वाले हैं। लेकिन, इंजीनियरिंग की तैयारी उन्होंने देहरादून में ही रहकर की।दून में रह रहे अक्षत के मुताबिक, शुरू से ही उनका सपना आईआईटी से इंजीनियरिंग करने का था।

विज्ञापन
विज्ञापन

वह सामान्य परिवार के हैं। इसके बावजूद अपने मेधा के दम पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में कुछ अलग करने का सपना उन्हें यहां तक खींच लाया।  मूल रूप से राजस्थान निवासी अक्षत ने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी हैं। पहले ही प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया 256वीं रैंक हासिल की है।

अक्षत के मुताबिक, मुश्किल कुछ नहीं है, बस तैयारी की दिशा सही होनी चाहिए। आपको फोकस रहने की जरूरत होती है। अब अक्षत जेईई एडवांस की तैयारी में जोरशोर से जुटे हुए हैं।

उनके शिक्षक डीके मिश्रा ने बताया कि अक्षत शुरू से ही इंजीनियरिंग पर फोकस्ड था। उन्होंने अक्षत और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी। उन्हें विश्वास है कि जो सपना उन्होंने देखा है वह जरूर पूरा होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें