अनिकेत ने बताया कि उन्हें अपने भाई उत्कर्ष से काफी प्रेरणा मिलती है और वही उनके रोल मॉडल हैं। उत्कर्ष दुग्गल फिलहाल जम्मू-कश्मीर में आईपीएस ऑफिसर हैं और इस बार भी उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा देकर 17वीं रैंक हासिल की। अनिकेत ने बताया कि इस परीक्षा की तैयारी में हौसला नहीं छोड़ना चाहिए। अगर कभी ऐसा लगे या खुद में डिमोटिवेशन आए तो उन लोगों को देखें, जो आपके साथ पढ़ रहे हैं। कभी भी जब ऐसी भावना आई तो ऐसा ही किया। इसके अलावा सिविल सर्विस के टॉपर्स की कहानियां उत्साह बढ़ाती हैं।
ईमानदारों का हौसला बढ़ाने की जरूरत
अनिकेत दुग्गल के मुताबिक जो अधिकारी ईमानदारी से काम करते हैं, उनका हौसला बढ़ाने की जरूरत है। अक्सर अधिकारी दबाव में आ जाते हैं, क्योंकि हमारे सिस्टम में सर्विस रूल नहीं है। जो काम करते हैं उनके कार्य का प्रोत्साहन मिलेगा तो उससे भविष्य में और बड़ा काम करने का हौसला आता है।