डॉ. कुमार बहुलियान आज दुनिया के जाने-माने न्यूरोसर्जन हैं। उनके पास अपनी रॉल्स रॉयस और अपना निजी प्लेन है। आज वह जो चाहें वह खरीद सकते हैं लेकिन एक वक्त ऐसा था जब उनके पास पीने को साफ पानी भी नहीं था।
कुमार बहुलियान ने अपने बचपन में बहुत गरीबी देखी है। उनके गांव में न बिजली थी और ना शौचालय, साफ पानी का भी बंदोबस्त नहीं था। कुमार ने गंदा पानी पीने की वजह से अपने भाई-बहनों को अपने सामने खोया है। वह खुद भी कई दिनों तक टाईफाइड के चलते बीमार रहे हैं। 1930 में विज्ञान ने ना इतनी तरक्की की थी और ना छोटे शहरों तक डॉक्टर्स पहुंचे थे।