फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SUCCESS STORY: गरीबी में खोया आधा परिवार, आज करोड़ों संपत्ति के हैं मालिक

Sat, 25 Feb 2017 09:18 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. कुमार बहुलियान आज दुनिया के जाने-माने न्यूरोसर्जन हैं। उनके पास अपनी रॉल्स रॉयस और अपना निजी प्लेन है। आज वह जो चाहें वह खरीद सकते हैं लेकिन एक वक्त ऐसा था जब उनके पास पीने को साफ पानी भी नहीं था।
विज्ञापन


कुमार बहुलियान ने अपने बचपन में बहुत गरीबी देखी है। उनके गांव में न बिजली थी और ना शौचालय, साफ पानी का भी बंदोबस्त नहीं था। कुमार ने गंदा पानी पीने की वजह से अपने भाई-बहनों को अपने सामने खोया है। वह खुद भी  कई दिनों तक टाईफाइड के चलते बीमार रहे हैं। 1930 में विज्ञान ने ना इतनी तरक्की की थी और ना छोटे शहरों तक डॉक्टर्स पहुंचे थे।
विज्ञापन

82 साल की उम्र में भी कर रहे हैं काम

कुमार के परिवार के पास इतने पैसे भी नहीं थे वह उनका दाखिला स्कूल में करा सकें। तब उनके पिता ने एक हेडमास्टर से बात करके उन्हें स्कूल में फ्री में दाखिल कराया। स्कूल के बाद कॉलेज उन्होंने क्रिश्चियन मिशनरीज की मदद से किया। कुमार एक मेधावी छात्र थे। सरकारी मदद से उन्होंने स्कॉटलैंड में न्यूरोसर्जरी की पढ़ाई की। लेकिन वहां से जब वो इंडिया लौटे तो यहां न्यूरोसर्जरी की कोई जॉब नहीं थी।

तब कुमार प्रैक्टिस के लिए बोफैलो, अमेरिका चले गए। आज वह  बोफैलो विश्वविद्यालय में न्यूरोसर्जरी के असोसिएट प्रोफेसर भी हैं। उन्होंने अपने गांव में अस्पताल और सेहत से जुड़ी सेवाएं शुरु करने के लिए कई करोड़ों का दान भी दिया।

आज वह आधे समय अमेरिका में रहते हैं और आधे वक्त इंडिया में। 82 साल की उम्र में भी वह गांव में हो रहे सारे काम खुद देखते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें