आज भारत पोलियो फ्री देश घोषित हो चुका है। पूरे देश को इस सफलता पर नाज है। भारत को पोलियो फ्री बनाने का सफर मुश्किल भरा रहा है। एक-दो नहीं बल्कि लाखों लोगों के अथक प्रयास से यह लक्ष्य हासिल किया गया है। इसी में शामिल है एएमयू के मोहसिन जफर खान। मोहसिन एएमयू राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं।
वर्ष 2004 में एएमयू एनएसएस के तत्कालीन समन्वयक डॉ. खुर्शीद एवं मोहसिन छात्र-छात्राओं की टीम के साथ मौलाना आजाद नगर में बच्चों को पल्स पोलियो ड्राप पिलाने गए थे। उस समय बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने से लोग कतराते थे। उनके मन में तरह-तरह की भ्रांतियां थी। डॉ. खुर्शीद एवं मोहसिन टीम के साथ एक घर में पहुंचे तो परिजनों ने विरोध कर दिया। इसी क्रम में कुछ लोगों ने लाठी-डंडे से डॉ. खुर्शीद एवं मोहसिन समेत अन्य युवाओं पर हमला बोल दिया।
मोहसिन का कहना है कि एक बार तो मन में आया कि ऐसे हंगामे में जाने से अच्छा है कार्यालय में बैठे रहना। लेकिन मन के अच्छे विचारों ने उन्हें धिक्कारा कि क्यों कायरों की तरह सोच रहे हो। उस समय देश में पल्स पोलियो के काफी केस सामने आ रहे थे। कई केस आने से अलीगढ़ की भी बदनामी हो रही थी। देश से पोलियो को भगाना था, इसलिए दोगुने उत्साह से पुन: अभियान में जुट गए।
डॉ. खुर्शीद, मोहसिन एवं एनएसएस से जुड़े छात्र-छात्राओं के कार्यों की बदौलत ही एएमयू को वर्ष 2010 में पल्स पोलियो अभियान में शानदार प्रदर्शन पर अमेरिका की प्रतिष्ठित जिम्मी कार्टर अवार्ड प्राप्त हुआ। 2004 में प्रदेश के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राजवीर सिंह राजू भैया ने उल्लेखनीय योगदान के लिए मोहसिन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया था। 2014 में मतदाता जागरूकता अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने सम्मानित किया था।