मृणाल एनटीएसई, आरएमओ और केमेस्ट्री ओलंपियाड (आईएनसीएचओ) भी क्वालिफाइड हैं। इसके अलावा केवीपीवाय एसए स्ट्रीम में ऑल इंडिया 87 रैंक हासिल की थी। उन्होंने इसी वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षा भी दी है। जिसका परिणाम फिलहाल नहीं आया है।
टीचर्स की गाइडलाइंस का करें पालन
मृणाल ने बताया कि पहले जेईई मेन और अब एडवांस्ड की तैयारी के दौरान मैं टीचर्स की गाइडलाइंस ही फॉलो कर रहा हूं, क्योंकि टीचर्स परफेक्ट हैं और उन्हें इन परीक्षाओं का बड़ा अनुभव है। इसलिए टीचर्स की गाइडलाइंस और स्टडी मैटेरियल के अलावा आपको कहीं भी ध्यान भटकाने की जरूरत नहीं है।
जेईई मेन में ऐसे मिली सफलता
जेईई मेन के लिए मुख्यतया एनसीईआरटी सिलेबस पर फोकस किया। आखिरी समय में नोट्स का बेसिक रिवीजन किया था। वीकली टेस्ट में मार्क्स का ग्राफ कम-ज्यादा होता रहता है, लेकिन मैं अपना बेस्ट देने की कोशिश करता हूं। हर टेस्ट के बाद सेल्फ एनालिसिस करता था और देखता था कि किन गलतियों की वजह से कम अंक आए हैं। अगले टेस्ट में कोशिश रहती थी कि उन गलतियों को नहीं दोहराऊं। फिलहाल जेईई एडवांस्ड की तैयारी में जुटा हुआ हूं और प्रयास है कि अंडर 50 रैंक में जगह हासिल कर सकूं। क्योंकि मैं आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करना चाहता हूं।