डीप टेक्निकल स्टार्टअप इकोसिस्टम को तैयार करेंगे
आईआईटी बॉम्बे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह योगदान भारत में एक पूर्व छात्र द्वारा किए गए सबसे बड़े दान में से एक के रूप में है। इसका उद्देश्य संस्थान में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और आईआईटी बॉम्बे में एक डीप टेक्निकल स्टार्टअप इकोसिस्टम को तैयार करना है।
जुड़ाव के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहा हूं : नीलेकणि
वहीं, नीलेकणि ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आईआईटी बॉम्बे मेरे जीवन की आधारशिला रहा है। इसने मेरे प्रारंभिक वर्षों को आकार दिया है और मेरी यात्रा की नींव रखी है। उन्होंने कहा- जैसा कि मैं इस प्रतिष्ठित संस्थान के साथ अपने जुड़ाव के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहा हूं, मैं आगे बढ़ने और इसके भविष्य में योगदान देने के लिए आभारी हूं। यह दान सिर्फ एक वित्तीय योगदान से अधिक है; यह उस जगह के लिए एक भेंट है जिसने मुझे बहुत कुछ दिया है और उन छात्रों के प्रति प्रतिबद्धता है जो कल हमारी दुनिया को आकार देंगे।
आईआईटी निदेशक बोले- योगदान से खुश हैं, विकास को मिलेगी गति
समझौता ज्ञापन पर नीलेकणी और आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर सुभासिस चौधरी ने बेंगलुरु में हस्ताक्षर किए। चौधरी ने कहा कि हम अपने बेहतरीन पूर्व छात्र नंदन नीलेकणि को संस्थान में अपना मूलभूत और अग्रणी योगदान देते हुए देखकर बेहद खुश हैं। यह दान आईआईटी बॉम्बे के विकास को महत्वपूर्ण रूप से गति देगा और इसे वैश्विक नेतृत्व के मार्ग पर मजबूती से स्थापित करेगा।