वायुसेना की फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी ने अकेले मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान उड़ाकर इतिहास में नाम दर्ज कर लिया है। वह देश की पहली महिला पायलट हैं, जिन्हें ये गौरव मिला है।
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फाइल फोटो
वायुसेना के एक अधिकारी ने बुधवार को यहां बताया कि अवनी ने जामनगर एयरबेस से सोमवार को यह कारनामा अंजाम दिया। उन्होंने अकेले उड़ान भरी और अपने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। मिग-21 बाइसन की लैंडिंग और टेक-ऑफ स्पीड दुनिया में सबसे ज्यादा बताई जाती है।
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फाइल फोटो
फाइटर पायलट के पहले बैच के रूप में वायुसेना ने तीन महिलाओं अवनी, भावना कांत और मोहना सिंह को प्रशिक्षण दिया है। तीनों को कड़े प्रशिक्षण चरण से गुजरना पड़ा। तीनों ने जुलाई 2016 में वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन लिया था।
एक साल के अंदर ही सरकार ने प्रयोग के तौर पर महिलाओं को फाइटर पायलट के रूप में तैयार करने का फैसला किया। वायुसेना ने फाइटर पायलट बनाने के लिए तीन महिलाओं के दूसरे बैच का भी चयन कर लिया है। दुनिया के चुनिंदा देशों जैसे ब्रिटेन, अमेरिका, इस्राइल और पाकिस्तान में ही महिलाएं फाइटर पायलट बन सकती हैं।