वॉलमार्ट ने ब्रांड को दी जगह
साल 2015 में तरुण की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ आया, जब वॉलमार्ट ने उनके ब्रांड को अपने एक स्टोर में जगह दी। यह मौका उनके लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं था। वहां लगातार सैंपलिंग और मेहनत के दम पर ‘हेनफ्रूट’ तेजी से लोकप्रिय होने लगा। इसके बाद कंपनी को कई बड़े स्टोर्स में जगह मिलने लगी। लेकिन बिजनेस बढ़ाने के दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। दिल्ली में विस्तार के दौरान उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा। कई बार दोस्तों से उधार लेना पड़ा और ऐसा लगा कि बिजनेस बंद करना पड़ेगा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वे ग्राहकों की शिकायत खुद सुनते और गुणवत्ता सुधारने पर लगातार काम करते रहे।
जोखिम से मिली बड़ी सफलता
बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए नई मशीनों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत थी, लेकिन उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। तब तरुण ने बड़ा जोखिम उठाते हुए अपना घर गिरवी रख दिया। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्हें अपने सपने पर भरोसा था। उनका यह जोखिम सही साबित हुआ। इसके बाद ‘हेनफ्रूट’ तेजी से आगे बढ़ने लगा। कंपनी ने गुणवत्ता और भरोसे को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। आज ‘हेनफ्रूट’ प्रतिदिन लगभग 14 से 15 लाख अंडों की बिक्री करता है और देशभर में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
युवाओं को सीख
- एक छोटी समस्या में भी एक बड़ा अवसर छिपा होता है।
- असफलता सफलता की पहली सीढ़ी होती है।
- शुरुआत भले ही छोटी हो, पर सोच बड़ी रखनी चाहिए।
- जोखिम उठाए बिना बड़ी सफलता नहीं मिलती।
- भीड़ से अलग सोच ही पहचान बनाती है।