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Cyrus Pallonji Mistry: स्कूली शिक्षा मुंबई में, लंदन से हासिल की उच्च शिक्षा, 23 की उम्र में बने थे डायरेक्टर

Sun, 04 Sep 2022 05:56 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Cyrus Pallonji Mistry का जन्म 04 जुलाई, 1968 को एक अमीर एवं कारोबारी पारसी परिवार में हुआ था और उनके पिता एक मल्टी नेशनल कंपनी शापूरजी पल्लोनजी समूह के प्रमुख थे। 
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Cyrus Pallonji Mistry with Ratan Tata - फोटो : PTI
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विस्तार
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Cyrus Pallonji Mistry Died: भारतीय उद्यमी साइरस पल्लोनजी मिस्त्री का रविवार को चार सितंबर को महाराष्ट्र के पालघर में हुए एक सड़क हादसे में निधन हो गया। वे टाटा संस में लंबे समय तक बोर्ड के सदस्य रहे, उन्हें 2012 में रतन टाटा के उत्तराधिकारी के रूप में कंपनी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, इस नेतृत्व की स्थिति में उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा और अक्तूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड ने मिस्त्री को अध्यक्ष पद से हटा दिया था। मिस्त्री का जन्म 04 जुलाई, 1968 को एक अमीर एवं कारोबारी पारसी परिवार में हुआ था और उनके पिता एक मल्टी नेशनल कंपनी शापूरजी पल्लोनजी समूह के प्रमुख थे। 

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Cyrus Pallonji Mistry: स्कूली शिक्षा मुंबई में, लंदन में पाई उच्च शिक्षा 

मिस्त्री ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कैथेड्रल और जॉन कॉनन स्कूल, मुंबई से प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने इंपीरियल कॉलेज, लंदन से सिविल इंजीनियरिंग में बीई के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग में स्नातक होने के बाद, वह परिवार के स्वामित्व वाले कंस्ट्रक्शन बिजनेस में शामिल हो गए। फिर उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल में दाखिला लिया और प्रबंधन में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक भी किया। 
 

एक नजर में Cyrus Pallonji Mistry का करिअर 

  • 1991 में, साइरस मिस्त्री निदेशक के रूप में शापूरजी पल्लोनजी एंड कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए और बाद में 1994 में उन्हें शापूरजी पल्लोनजी समूह का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया। उस समय, उनके पिता शापूरजी पल्लोनजी समूह के अध्यक्ष थे और टाटा समूह के बोर्ड में भी थे।
  • 1990 से 2009 तक, उन्होंने टाटा एलेक्सी लिमिटेड के निदेशक के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2006 तक टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के निदेशक के रूप में भी कार्य किया।
  • वे संचालन और योजना के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में कन्वर्जेंस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड इंडिया से जुड़े थे। उन्होंने डीक्यू एंटरटेनमेंट (इंटरनेशनल) लिमिटेड में बिजनेस डेवलपमेंट एंड टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में भी काम किया।
  • 01 सितंबर, 2006 को, वह टाटा समूह से अपने पिता की सेवानिवृत्ति के एक वर्ष के बाद, टाटा संस के बोर्ड में शामिल हो गए। शापूरजी पलोनजी समूह के साथ अपने कर्तव्यों के अलावा उन्हें टाटा समूह की कंपनियों के निदेशक के रूप में नामित किया गया था। 
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  • नवंबर 2011 में, टाटा समूह के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने के बाद, उन्होंने शापूरजी पल्लोनजी एंड कंपनी से इस्तीफा दे दिया। यह भी घोषणा की गई कि वह रतन टाटा की सेवानिवृत्ति पर एक साल बाद अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।
  • उन्हें नवंबर 2012 में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड का अतिरिक्त निदेशक बनाया गया और दिसंबर 2012 में इसके गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया।
  • 08 नवंबर 2012 को, उन्हें टाटा पावर कंपनी लिमिटेड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। कुछ दिनों बाद 20 नवंबर, 2012 को उन्हें टाटा ग्लोबल बेवरेजेज लिमिटेड के बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। वह टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड और टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष भी बने।
  • 28 दिसंबर, 2012 को, उन्हें टाटा संस और टाटा समूह के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। इस पद पर उन्होंने टाटा इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, टाटा केमिकल्स और टाटा मोटर्स सहित सभी प्रमुख टाटा कंपनियों के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
  • टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड और टाटा केमिकल्स लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति 28 दिसंबर, 2012 को हुई थी। इसके अलावा उन्हें शापूरजी पल्लोनजी समूह के बोर्ड के निदेशक और अध्यक्ष होने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
  • अक्तूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड की बैठक के दौरान मतदान के बाद उन्हें टाटा ग्रुप के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। 
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