अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में तनुजा ने कहा कि कड़ी मेहनत के अलावा सफलता का दूसरा कोई मूलमंत्र नहीं है। अपनी सफलता का श्रेय वह माता-पिता के साथ-साथ अपने शिक्षकों को देती हैं।
तनुजा ने बताया कि उन्होंने कभी ट्यूशन नहीं पढ़ी, बल्कि कालोनी में रह कर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती हैं। अच्छे अंक पाने के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह भी उन्होंने दी।
तनुजा की सफलता से समूचे शांतिकुंज परिसर और पिथौरागढ़ स्थित पैतृक गांव में खुशी की लहर है। तनुजा के पिता महेश कापड़ी ने बताया कि बेटी ने पढ़ाई में बहुत मेहनत की। शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या और शैल दीदी ने तनुजा के उज्जवल भविष्य की कामना की है।