जर्नल ऑफ न्यूरोसर्जरी में प्रकाशित अपने शोध में मंजुल त्रिपाठी और चंडीगढ़ के ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड मेडिकल रिसर्च के उनके साथी कहते हैं कि, 'कई अच्छे डांसर, जिनके पैर काफी मजबूत होते हैं वो भी इस स्टेप को करते वक्त केवल 25 या फिर अधिकतम 30 डिग्री के कोण मे ही झुक सकते हैं। लेकिन माइकल जैक्सन इस स्टेप में 45 डिग्री का कोण आसानी से बना लेते थे।'
किसी ने उनकी नकल करने की कोशिश भी की तो उन्होंने महसूस किया होगा कि ऐसे करते वक्त टांगों से पिछले हिस्सों की मांसपेशियों पर अधिक दवाब पड़ता है लेकिन रीढ़ की हड्डी़ पर उतना दवाब नहीं पड़ता।
मंजुल त्रिपाठी कहते हैं कि इस कारण माइकल जैक्सन की सबसे बेहतर नकल करने वाले के लिए आगे की तरफ ठीक उनकी तरह झुकना लगभग नामुमकिन है। लेकिन जैक्सन के लिए ऐसा करना आसान था क्योंकि उनके लिए इस कारनामे को अंजाम देने के लिए खास जूते थे।
उनके जूतों में वी-आकार का एक टुकड़ा लगा होता था जो जमीन से निकली एक कील पर ठीक से फिट हो जाता था। इस कारण जैक्सन सामने की तरफ आसानी से झुक पाते थे।
लेकिन इससे पहले उन्हें ऐसा करने के लिए कमर पर बांधने वाली सुरक्षा रस्सियों की जरूरत होती थी। माना जाता है कि माइकल जैक्सन और हॉलीवुड में काम कर चुके उनके दो साथी अमरीकी अंतरिक्षयात्रियों के लिए बनाए गए ख़ास जूतों से प्रेरित थे। ये जूते किसी भी सतह पर आसानी से चिपक जाते थे और शून्य गुरुत्वाकर्षण की स्थिति में भी व्यक्ति को सतह पर ही रखने में मदद करते थे।
हालांकि जानकार मानते हैं कि ऐसे जूतों के साथ भी शरीर को एक कोण पर कुछ देर के लिए रखना आसान काम नहीं है क्योंकि इसके लिए आपको अपनी टांगों। रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों की मजबूती की जरूरत होती है।
मंजुल त्रिपाठी कहते हैं, 'माइकल जैक्सन के कई फैन और खुद हमने भी उनके इस स्टेप की नकल करने की कई बार कोशिश की है लेकिन हर बार हम गिर पड़े।'
'ये करना आसान नहीं। आपकी टांगों के साथ-साथ आपकी कमर की मांसपेशियां भी इसका दवाब झेलने के लिए तैयार होनी चाहिए।'