यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकती है। यह साबित किया है नोएडा के सेक्टर - 93 में रहने वाले रूद्वाक्ष बंसल ने। जिन्होंने पीडब्ल्यूडी ( पर्सन विद डिसबिलिटी ) वर्ग में देशभर में छठी रैंक प्राप्त की है। इनके अनुसार आपकी शारीरिक परेशानी आपके सपनों का सफर नहीं रोक सकती है।
इसके लिए आपको बस मेहनत की जरूरत है। रुद्वाक्ष को आंखों की बीमारी निस्टाईमस है। जिसके चलते उनकी आंखों की पुतलियां लगातार घूमती रहती हैं। जिससे उन्हें देखने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। 10 वीं सीबीएसई की परीक्षा में रूद्राक्ष ने 479 अंकों के साथ 95.8 फीसदी रिजल्ट प्राप्त किया है। उनकी आंखों में 40 प्रतिशत तक विजन की समस्या है। उनको साफ कुछ भी दिखाई नहीं देता। रुद्वाक्ष अपने माता-पिता और एक भाई के साथ कौशांबी में रहते हैं।
इनके पिता रंजीत कंसल गाजियाबाद के एक निजी बैंक में सीनियर मैनेजर हैं। वहीं इनकी मां मीनाक्षी कंसल सरकारी स्कूल में लेक्चरर हैं। छोटा भाई चौथी कक्षा में पढ़ता है। इनका परिवार मूलरूप से पुरानी दिल्ली का रहने वाला है। इन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा के लिए खुद से तैयारी की थी, किसी कोचिंग की मदद भी नहीं ली ।
रुद्वाक्ष ने अपनी मेहनत के दम पर अंग्रेजी में 96, हिंदी में 95, गणित में 94, विज्ञान में 99 और सोशल साइंस में 95 अंक प्राप्त किए हैं। उन्हें नेटफिलिक्स पर सीरियल , फिल्में देखना और प्यानो बजाना बहुत पसंद है। 11वीं में उन्होंने साइंस ली है और 12वीं के बाद वह आईआईटी जाना चाहते हैं। रुद्वाक्ष के अनुसार बहुत ज्यादा पढ़ाई करना और तनाव में आ जाना सही नहीं है। पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद से भी जुड़े रहना चाहिए।