मैं डेट्रोयट में पैदा हुआ। मेरे पिता एक सामान्य आदमी थे। अमेरिकी नौसेना में चार साल की सेवा देने के बाद मैंने डेट्रोयट टाइगर्स में कुछ साल तक बेसबॉल खेला। घुटने में चोट लगने से मैंने खेल छोड़ा और सेल्समैन का काम करने लगा। फिर पत्नी के साथ मैंने पिज्जा का कारोबार शुरू किया। मैं यह जान रहा था कि फास्ट फूड का कारोबार तेजी से बढ़ने वाला है। मिशिगन की गार्डन सिटी में मैंने लिटिल सीजर्स पिज्जा ट्रीट नाम से एक रेस्टोरेंट खोला।
शुरुआत में इससे मुझे घाटा हुआ और कर्ज चुकाने के लिए घर का फर्नीचर तक बेचना पड़ा। पर मैंने हिम्मत नहीं हारी। मैं न सिर्फ सस्ता पिज्जा बेचता था, बल्कि ग्राहकों को बैठाकर खिलाने के बजाय पैक करके देता था। इससे कर्मचारियों का खर्च नगण्य रह गया था। अगले कुछ साल में चार महादेशों में मेरे ढाई हजार पिज्जा रेस्टोरेंट्स खुल गए। 1982 में मैंने डेट्रोयट रेड विंग्स हॉकी क्लब खरीद लिया।
जो रेड विंग्स एक लचर टीम मानी जाती थी, वह अगले कुछ साल में नेशनल हॉकी लीग की सबसे कीमती फ्रेंचाइजी बन गई। ऐसे ही 1987 में मैंने फॉक्स थियेटर्स को खरीद लिया। उस समय वह बेकार हालत में था। बहुत लोगों ने मेरे इस फैसले की आलोचना की और इसे एक अदूरदर्शी फैसला बताया। पर मेहनत करके और पैसा खर्च कर मैंने इसे इसके पुराने स्वरूप में लौटा दिया। 1999 में मैंने इलिच होल्डिंग्स की स्थापना की।
लगातार सफलताओं के बावजूद मैं पुराने दिनों के अपने संघर्ष को कभी नहीं भूला। मैंने अपने समुदाय के लोगों की मदद तो की ही, जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी कई कदम उठाए। मैंने 1985 में लिटिल सीजर्स लव किचन की शुरुआत की, जिसके जरिये गरीबों को मुफ्त भोजन बांटा जाने लगा। वर्ष 2008 में मैंने लिट्ल चैरिटीज की शुरुआत की, जिसके जरिये भूखे, बेरोजगार और बेघर लोगों की मदद की जाती थी। चूंकि डेट्रोयट ने मुझे जमीन से उठाकर आसमान पर पहुंचा दिया था, इसलिए डेट्रोयट के विकास के लिए मैंने लगातार काम किया। मैंने अपने अनुभवों से यह सीखा है कि व्यापार में जोखिम उठाना फायदेमंद होता है।