अगर हौसला हो तो इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता। हौसलों के सामने हमारी कोई कमी मायने नहीं रखती। ये बात साबित की है बिहार के रहने वाले दो गरीब भाइयों ने।
ये कहानी है दो भाइयों की। बड़ा भाई कृष्ण विकलांग है, और छोटा भाई बसंत अपनी पीठ पर लादकर उसे स्कूल लाता ले जाता रहा है। इन दोनों ही भाइयों ने आईआईटी की कठिन परीक्षा पास कर ली है। कुष्ण ने आईआईटी की परीक्षा में ओबीसी,विकलांग कोटा में पूरे भारत में 38वां रैंक हासिल किया है। जबकि उसके छोटे भाई बसंत ने ओबीसी कैटेगरी में 3675वां रैंक हासिल किया है।
उनके पिता मदन पंडित के पास समस्तीपुर के परोरिया गांव में 5 बीघा जमीन है जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। कृष्ण जब 6 साल का था तभी उसे पोलियो हो गया था। बाद में बसंत ही उसे अपने कंधों पर बिठाकर स्कूल ले जाता था।
दोनों का सपना इंजीनियर बनने का था। यही सपना उन्हें इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा ले गया। 3 साल पहले दोनों भाई कोटा पहुंचे और वहां एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लिया। यहां भी छोटा भाई अपने कंधों पर उठाकर अपने भाई को कोचिंग क्लासेस ले जाता था और दोनों साथ-साथ पढ़ाई करते थे।