जी तोड़ मेहनत कर की पढ़ाई
उन्मुक्त ने बताया कि पहले तो 10 महीना खुद से जी तोड़ मेहनत कर पढ़ाई किया। बिना किसी के मदद से पढ़ाई करता रहा थोड़ी बहुत मदद यूट्यूब से ली उसके बाद उसको पता चला कि जिला शिक्षा विभाग पूरे जिले से 30 छात्र-छात्राओं का चयन कर उनको विशेष सुविधा देगा। इसके लिए उन्मुक्त 1200 बच्चों के साथ परीक्षा में बैठा और टॉप 30 बच्चों में जगह बनाई।
आठ से 10 घंटे पढ़ाई करता था
उन्मुक्त ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा आरा के बालिका उच्च विद्यालय में शाम को शिक्षकों द्वारा अतरिक्त क्लास चला कर सभी 30 बच्चों को पढ़ाया जाता था। यह क्रैश कोर्स मुफ्त में मिल रहा था और यहां पढ़ाई भी अलग लेवल पर हो रही थी, जिसको मैं किसी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहता था, लेकिन आरा में रहने के लिए मेरे पास कोई ठिकाना नहीं था, बहुत प्रयास के बाद पहले एक शिक्षक के यहां रहा उसके बाद एक भैया के पास रहने लगा, जहां खुद खाना बनाता और आठ से 10 घंटे पढ़ाई करता था।
एनडीए क्रैक कर सैन्य अधिकारी बनने की इच्छा
उन्मुक्त ने आगे भविष्य के बारे में बताया कि वह इंटर में साइंस लेना चाहता है उसके बाद एनडीए निकाल कर सेना में अधिकारी बन देस सेवा करने का सपना है।