भाई-बहन सब पढ़ने में होशियार
अंकिता के पिता बिक्रम कुमार सुबे रोहतास जिले के अकोढ़ीगोला प्रखंड में राजकीय मध्य विद्यालय, मथुरापुर (डालमियानगर) में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत है। उसकी मां रेणु कुमारी स्नातक पास है और गृहिणी है। अंकिता तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी है। उसकी बड़ी बहन अंशु कुमारी विज्ञान संकाय की छात्रा रही है। अभी हाल ही में बीएसइबी की इंटर साइंस की परीक्षा में अंशु ने 86.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अंकिता का बड़ा भाई अंकित कुमार शुभम गणित विषय से इंटर विज्ञान का 11वीं का सीबीएसई स्कूल का छात्र है। वह भी सीबीएसई के 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93 फीसदी अंक पाया था। अंकिता को पढ़ाई करने में उसकी बड़ी बहन व भाई ने सहयोग किया है। दोनों उसके लिए मेंटर हैं।
कोचिंग में एडमिशन लेने पहुंची कोटा
अंकिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है। इसी उदेश्य से वह मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट आने के पहले ही राजस्थान के कोटा के एक नामी कोचिंग में एडमिशन लेने अपने माता-पिता के साथ वहां पहुंची हुई है। कोटा में ही माता-पिता को जानकारी मिली कि उनकी बेटी अंकिता बिहार मैट्रिक बोर्ड परीक्षा में राज्य में 10वें स्थान पर रही है। उनके जानने वालों, परिजनों ने उन्हें तथा अंकिता को फोन कर बधाई दी। माता-पिता ने भी कोटा में ही मिठाई खरीदी और अपनी बेटी का मुंह मीठा कराकर सफलता की बधाई दी।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर ही दम लेगी
बेटी की सफलता से अंकिता के माता-पिता बेहद खुश है। वे कहते है कि अपनी बेटी के सपने के साथ है। बेटी ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का जो सपना देखा है, उसी सपने को पूरा कराने की चाह में ही तो वे कोटा में बेटी का एडमिशन कराने आए हैं। उन्होंने कहा कि बेटी की चाह ही उनकी चाहत है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनकी बेटी जेईई मेन परीक्षा में सफल होकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर जरूर बनेगी। आगे भी वह अपने इरादे को परवान चढ़ाएगी और सफलता का झंडा बुलंद करेगी।
ड्रीम को पूरा करने का इरादा
वहीं अंकिता ने बताया कि वह अपने ड्रीम को पूरा करने का इरादा लेकर कोटा आई है। यहीं मैथ्स से इंटर साइंस की पढ़ाई और जेईई मेन की कोचिंग करेगी। अंकिता कहती है कि जिद और जुनून के रूप में ठान लेने पर कुछ भी संभव है और वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर ही दम लेगी। उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, चाचा, बड़ी बहन, भाई और शिक्षक अजय सर, राजेंद्र राम एवं रूकेंद्र सुबे (चाचा) को देते हुए कहा कि सबने मुझे अच्छे से गाइड किया है। सबके गाइडेंस ने ही उसे सफलता के इस मुकाम पर पहुंचाया है।