गूगल ब्वॉय कौटिल्य के बाद जिया को अगर गूगल गर्ल कहा जाता है तो इसमें किसी को भी अचरज नहीं होना चाहिए। दरअसल सेक्टर-15 स्थित हॉलमार्क स्कूल में 5वीं क्लास की वंडर गर्ल जिया के कारनामों को देखकर हर कोई हैरान हो जाता है।
जिया आंखों पर पट्टी बांधकर फटाफट किताब या मोबाइल पर एसएमएस को पढ़ सकती है। आंखें बंद कर बोर्ड पर लिखे अंकों का जोड़ और इंसान को सूंघ कर उसे बंद आंखों से ढूंढने की कला भी गूगल गर्ल की खूबी है। बुधवार को सेक्टर-27 प्रेस क्लब में हॉलमार्क स्कूल की वंडर गर्ल ने अपने कारनामों से सभी को हैरान किया। जिया को माइंड एक्सपर्ट बनाने में उनके पिता विनोद फुटेला का विशेष योगदान रहा है।
अमर उजाला से बातचीत में जिया ने बताया कि उन्हें बंद आंखों से कोई भी चीज पहचानने में दिक्कत नहीं होती। फुटेला दंपति की इकलौती संतान जिया का सपना पिता की तरह माइंड ट्रेनर बनना है। नौ साल की जिया देश के 150 से अधिक स्कूल और कॉलेजों में मेमोरी शार्प वर्कशॉप दे चुकी हैं। 15 से अधिक चैनल पर वह बुलाई जा चुकी हैं। उसे छह बार गूगल गर्ल का सम्मान दिया गया है। वह बंद आंखों से चेस भी खेलती है।
हजारों बच्चों से अलग है जिया
जिया के पिता विनोद फुटेला निवासी सेक्टर-16 पंचकूला ने बताया कि डेढ़ साल की मेहनत से उन्होंने बेटी की पांचों इंद्रियों को जागृत करने में सफलता हासिल की है। स्कूल प्रिंसिपल कविता वाधवा ने बताया कि जिया उम्र में छोटी है, लेकिन स्मरण शक्ति हजारों बच्चों से उसे अलग बनाती है। उसके लिए पीरियॉडिक टेबल और 300 साल के कैलेंडर में तारीख बताना चुटकी का खेल है।