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परीक्षार्थियों को राहत: घर के पास परीक्षा दे सकेंगे 10-12वीं के छात्र

Mon, 22 Mar 2021 05:26 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

  • सीबीएसई ने विद्यार्थियों को दी बड़ी राहत, इस साल के लिए दी गई सुविधा।
  • एक विषय के अंकों में किया जा सकेगा सुधार।
  • हर साल इम्प्रूवमेंट की परीक्षा अगले साल दे पाते थे विद्यार्थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोरोना महामारी के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं व बारहवीं के परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र बदलने का विकल्प दिया है। इसके लिए विद्यार्थी 25 मार्च तक अपने साकूल को अनुरोध कर सकते हैं। जबकि स्कूलों को इस अनुरोध को 31 मार्च तक सीबीएसई की वेबसाइट पर स्कूल अकाउंट पर लॉग इन करके भेजना होगा। 

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बोर्ड का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण काफी विद्यार्थी अपने गृह नगरों या राज्यों में लौट गए हैं। परीक्षार्थियों ने पहले जिन परीक्षा केंद्रों के लिए पंजीकरण किया था, वहां वह वापस नहीं आ सकते। ऐसे में उन परीक्षार्थियों को सुविधा देने के लिए यह फैसला किया गया है।

इस तरह से वह प्रैक्टिकल परीक्षा व थ्यौरी परीक्षा के लिए अपना परीक्षा केंद्र बदल सकते हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि परीक्षार्थियों को केंद्र का चुनाव ध्यानपूर्वक करना होगा। एक बार परीक्षा केंद्र बदलने का अनुरोध स्वीकार होने के बाद उसे बदला नहीं जाएगा। 
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थ्यौरी पेपर और प्रैक्टिकल के लिए केवल एक ही शहर में केंद्र की सुविधा मिलेगी। दोनों परीक्षा के लिए अलग-अलग शहर बदलने की अनुमति नहीं मिलेगी। परीक्षार्थी केअनुरोध पर परीक्षा केंद्र उसी शहर या उसके पास केकिसी शहर में आवंटित किया जाएगा।

वह परीक्षार्थी जो केंद्र बदलकर अपनी परीक्षा देंगे, स्कूल उनके अंक अपलोड करते समय ट्रांसफर(टी) लिखेंगे। सीबीएसई ने अपने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को कहा है कि ऐसे परीक्षार्थियों के अंक 11 जून तक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएं।

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छात्र कंपार्टमेंट के साथ दे सकेंगे इम्प्रूवमेंट की परीक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। विद्यार्थी इस साल कंपार्टमेंट के साथ ही अपने एक विषय के अंकों में सुधार के लिए परीक्षा दे सकेंगे। यह सुविधा केवल इस साल के लिए होगी। दो व उससे ज्यादा विषयों के अंकों में सुधार के लिए अगले साल बोर्ड परीक्षा में बैठना होगा। विषयों की सुधारात्मक परीक्षा अगले साल ही आयोजित की जाती है। 

सीबीएसई के अनुसार, नई शिक्षा नीति कहती है कि विद्यार्थियों को विषयों के अंकों में सुधार के लिए कई मौके दिए जाएं। इसको ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने विद्यार्थियों को यह सुविधा देने का फैसला किया है। उदाहरण के लिए यदि कोई विद्यार्थी अपने किसी विषय केअंक में सुधार करना चाहता है तो उसे दसवीं-बारहवीं का रिजल्ट आने के बाद ही आवेदन करना होगा।

इससे वह कंपार्टमेंट की परीक्षा के साथ ही अपने विषय के प्रदर्शन को सुधार सकेगा। यह सुविधा तभी मिलेगा यदि उसने उच्च शिक्षा के लिए कहीं दाखिला नहीं लिया हो। अभी तक यदि कोई विद्यार्थी प्रदर्शन में सुधार करना चाहता है तो उसे अगले साल परीक्षा में बैठना पड़ता है।

विषय में सुधार की परीक्षा के बाद जो अंक प्राप्त होंगे तो वह अंकतालिका में शामिल होंगे। वहीं यदि अंकों में सुधार नहीं होता तो पुराने ही अंक मान्य होंगे। सुधार परीक्षा में बैठने के बाद उन्हें संयुक्त अंकतालिका ही दी जाएगी। 
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