उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने तमिलनाडू के कोयंबटूर में पीएसजी इंस्टीट्यूट के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफल होने के लिए विद्यार्थियों को जीवन के प्रति अपने दृष्टिकोण में सकारात्मकता और रचनात्मकता विकसित करनी चाहिए। विद्यार्थी को नकारात्मकता की भावना त्यागकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर स्वस्थ बहस करनी चाहिए। देश के शिक्षण संस्थानों को छात्रों में सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए
तमिलनाडू की राजधानी चैन्नई से लगभग 500 किलोमीटर दूर पीएसजी इंस्टीट्यूशन में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए कहा कि देश और दुनिया हितों को ध्यान में रखकर छात्रों को सम्बंधित मुद्दों पर स्वस्थ चर्चा करनी चाहिए। छात्रों को स्वस्थ चर्चा के लिए हिंसा और नकारात्मकता की भावनाओं को त्याग कर देना चाहिए।
उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि भारत फिर से विश्व गुरू बन सकता है। विश्वगुरू बनने के लिए देश के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता है लेकिन युवाओं की प्रतिभाओं और क्षमताओं को निखारने के लिए प्रोत्साहित करने करने की आवश्यकता है। कम्बाला स्पोर्ट्स के धावक की ओर इशारा करते हुए नायडू ने कहा कि देश में ऐसी छुपी हुई अनेकों प्रतिभाएं हैं। देश की प्रतिभाएं माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का नेतृत्व कर रही हैं। देश शिक्षण संस्थानों को छात्रों को शिक्षित करने के साथ उनके मानसिक विकास को सकारात्मक करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों को 21वीं शताब्दी की तकनिकी के लिए तैयार होना चाहिए। स्कूलिंग और छात्रों के हुनर में ताल मेल बैठाकर ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास किया जा सकता है। उपराष्ट्रपति के अनुसार देश शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों में अध्यात्मिक पहलूओं की रूचि पैदा करना भी छात्रों के मानसिक विकास में सहायक होगा।