शिक्षा जीवन में केवल कामयाबी का रास्ता नहीं दिखाता, बल्कि उम्र को भी बढ़ा सकता है। येल स्कूल ऑफ मेडिसिन एवं यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बामा-बर्मिंघम के एक नए शोध में पता चला है कि स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक की पढ़ाई जीवन को लंबा करती है। बैचलर या मास्टर जैसी हर महत्वपूर्ण डिग्री पूरी होने पर व्यक्ति की उम्र में करीब 1 साल 4 महीने की वृद्धि हो जाती है।
कम पढ़ाई तो छोटा जीवन
शोध में अमेरिका के चार शहरों के 5114 लोगों को शामिल किया गया था और 30 साल तक उन पर नजर रखी गई। इनमें से 395 की मृत्यु 60 साल की उम्र से पहले हो गई। मरने वालों में 13 प्रतिशत ऐसे थे जिन्होंने कम उम्र में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। ग्रेजुएशन कर चुके लोगों के मरने का अनुपात केवल पां प्रतिशत था। शोधकर्ताओं ने उम्र प्रत्याशा का पता लगाने के लिए ईयर्स ऑफ पोटेंशियल लाइफ लॉस्ट पद्धति का सहारा लिया।
शिक्षा से उम्र प्रत्याशा जानना आसान
अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में छपे शोध के नतीजों के मुताबिक इंसान की उम्र कई कारकों से प्रभावित होती है। इसमें उसके रहने की जगह, कहां का मूल निवासी है, रोजगार के मौके आदि की भी अहम भूमिका होती है, लेकिन शिक्षा के स्तर से उम्र का सबसे बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
कम उम्र में होने वाली मौतें हो सकती हैं कम
शोध की लेखिका डॉ. ब्रिटा रॉय ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता और आम लोगों तक उसकी पहुंच बढ़ाकर कम उम्र में मौत का शिकार हो रहे लोगों को बचाया जा सकता है। शोध के नतीजे बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अब तक यह माना जाता रहा है कि पैसे कमाने की क्षमता से जीवन की लंबाई का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।