पश्चिम बंगाल में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में पदोन्नत होंगे। शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को यह जानकारी दी है। सूबे के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से देश में जो स्थिति बनी है उसमें पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है कि पहली से लेकर आठवीं तक के किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं कि आठवीं कक्षा तक के किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाएगा और बिना परीक्षा लिए ही अगली कक्षा में पदोन्नत किया जाएगा।
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गौरतलब है कि इस वक्त देश में कोरोना वायरस की वजह से 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में सभी स्कूल बंद हैं और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 16 मार्च को ही स्कूलों को बंद करने का निर्देश जारी कर दिया था। शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि शिक्षा विभाग ऐसी व्यवस्था कर रहा है कि नौवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई का हर्जाना न हो और वो तकनीकी के जरिए अपनी पढ़ाई सुचारू रख सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश के बाद जल्द ही ऐसी व्यवस्था को लागू किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले सीबीएसई सभी संबद्ध स्कूलों को आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही पास करने के निर्देश जारी कर चुकी है।