भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद
- फोटो : Social Media
देश में नफरती भाषण और अल्पसंख्यक पर हमले को लेकर भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बेंगलुरु और अहमदाबाद के छात्र और फैकल्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि देश में बांटने वाली ताकतें सक्रिय हो गई हैं और आपकी खामोशी उनके नफरत को बढ़ावा दे रही हैं। इस पत्र में 180 छात्र व फैकल्टी सदस्यों ने हस्ताक्षर किया है।
पत्र में लिखा है कि हम जिस समाज में विश्वास करते हैं वहां रचनात्मक, नवाचार और विकास जैसे कार्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित है, लेकिन कुछ लोग नफरत भरे भाषण और अल्पसंख्यक पर हमले करके समाज को बांट रहे हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर आपका चुप रहना देश में असहिष्णुता को बढ़ावा दे रहा है। यह हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है।
हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों ने कहा कि संविधान भी देश के निवासियों को बिना किसी भय के धर्मनिरपेक्ष रहने का अधिकार देता है। लेकिन हाल में हुई चर्च ढहाने की घटना और मुस्लिम भाई-बहनों के खिलाफ नफरती भाषण से लोगों में भय पैदा हो रहा है। इस संबंध में उचित कार्रवाई करने की जरूरत है।