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कोटा: क्यों बढ़ रहा छात्र आत्महत्या का संकट? 2024 में 17, तो इस साल केवल डेढ़ महीने में सात मामले आए सामने

Tue, 11 Feb 2025 09:49 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Suicide: सवाई माधोपुर जिले के 18 वर्षीय नीट अभ्यर्थी ने मंगलवार (11 फरवरी, 2025) सुबह अपने पीजी रूम में फांसी लगा ली। 2025 में छात्र आत्महत्या का यह सातवां मामला है। 2024 में कोटा से 17 छात्र आत्महत्या के मामले सामने आए थे।
 
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Kota Student Suicide 2025 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Student Suicide 2025: कोटा भारत का सबसे बड़ा कोचिंग हब है, जहां हर साल लाखों छात्र इंजीनियरिंग (IIT-JEE) और मेडिकल (NEET) की तैयारी के लिए आते हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में यहां आत्महत्या के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों, अभिभावकों और प्रशासन के बीच चिंता बढ़ रही है। 2024 में 17 छात्रों ने आत्महत्या की थी, जबकि 2025 के शुरुआती डेढ़ महीने में ही यह संख्या सात तक पहुंच चुकी है।

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हाल ही में हुई घटनाएं

  • 11 फरवरी 2025: सवाई माधोपुर के 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी अंकुश मीना ने आत्महत्या कर ली।
  • 22 जनवरी 2025: गुजरात की 24 वर्षीय NEET अभ्यर्थी अशफा शेख और असम के 17 वर्षीय JEE अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली। दो घंटों के अंतर पर दोनों मामले सामने आए।
  • 18 जनवरी 2025: ओडिशा के 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली।
  • 16 जनवरी 2025: ओडिशा के अभिजीत गिरी ने अंबेडकर कॉलोनी में अपने छात्रावास के कमरे में छत के पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली।
  • 8 जनवरी 2025: मध्य प्रदेश के 20 वर्षीय अभिषेक ने अपने पीजी रूम में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
  • 7 जनवरी 2025: हरियाणा के नीरज ने अपने हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
ताजा मामले में सवाई माधोपुर जिले के 18 वर्षीय नीट अभ्यर्थी ने मंगलवार (11 फरवरी, 2025) सुबह अपने पीजी रूम में फांसी लगा ली। पुलिस ने बताया कि अंकुश मीना नामक युवक ने अपने पीछे कोई संदेश नहीं छोड़ा। हालांकि, पुलिस का अनुमान है कि उसने प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की।
 

वर्षवार आत्महत्या के आंकड़े

हिंदुस्तान टाइम्स ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि 2022 में कोटा में 15 छात्रों ने आत्महत्या की, 2019 में 18, 2018 में 20, 2017 में सात, 2016 में 17 और 2015 में 18 छात्रों ने आत्महत्या की।
 
वर्ष आत्महत्याओं की संख्या
2015 18
2016 17
2017 7
2018 20
2019 18
2022 15
2024 17
2025 7 (अब तक)
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प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम

  • स्प्रिंग-लोडेड पंखों की अनिवार्यता: 2023 में छात्रावासों और पीजी में आत्महत्या रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।
  • मानसिक स्वास्थ्य सहायता: कोचिंग संस्थानों में काउंसलिंग और हेल्पलाइन सेवाओं को लागू किया गया।
  • अनिवार्य स्क्रीनिंग टेस्ट: कमजोर छात्रों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त सहायता प्रदान करना।
  • रैंकिंग सिस्टम में बदलाव: छात्रों को वर्णानुक्रम में क्रमबद्ध करना ताकि रैंक का मानसिक दबाव कम हो।
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