तमिलनाडु से अधिकतर छात्र- छात्राएं रूस, चीन और फिलीपींस के मेडिकल विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए अप्लाई कर रहे हैं। क्योंकि इस साल राज्य में मेडिकल कॉलेजों के कट-ऑफ में 100 अंकों की वृद्धि हुई है। विदेशों में मेडिकल स्कूलों में बहुत कम शुल्क तय है, जिसके कारण स्टूडेंट्स उधर आकर्षित हो रहे हैं।
बता दें कि एडमिशन काउंसलिंग के पहले दौर के आखिरी में, ओसी श्रेणी के लिए कटऑफ पिछले साल 430 के मुकाबले 524 अंक और BC श्रेणी के लिए 375 के मुकाबले 474 अंक था। स्टडीअब्रोड एजुकेशनल कंसल्टेंट्स के प्रबंध निदेशक सी. रविचंद्रन ने इस विषय पर कहा कि विदेशों में मेडिकल कोर्सों के लिए चयन करने वाले तमिलनाडु के छात्रों की संख्या इस वर्ष 180 से अधिक हो गई। खास बात ये है कि इस वर्ष भी NEET में 450 अंक हासिल करने वाले छात्र विदेश में अध्ययन करने के इच्छुक हैं।
चेन्नई के आर. सुरेशकुमार, प्रबंध निदेशक ने कहा कि प्रस्तावित NEXT टेस्ट ने परीक्षार्थियों के बीच रुचि बढ़ाई है क्योंकि भारत और विदेशों में अध्ययन करने वाले सभी छात्रों को इस परीक्षा में उत्तीर्ण होना जरूरी है।
सुरेशकुमार ने यह भी कहा कि मेडिकल काउंसिलिंग के दो दौर के बाद, विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए छात्रों की संख्या कहीं अधिक होगी।
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