फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहानी एक ऐसे छात्र की जो परीक्षा नोट्स बेच कर रहा है अतिरिक्त कमाई

Mon, 12 Oct 2020 12:09 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
विज्ञापन
परीक्षा नोट्स बेचकर कमाई करने वाले छात्र की कहानी - फोटो : पिक्साबे
विज्ञापन

यूजीन चाउ मुस्कुराते हुए मज़ाक में कहते हैं, "मैं पूरा सिलेबस अपने दिमाग में रख सकता हूं।" 24 साल के चाउ कुछ इन शब्दों में ज़ूम पर अपने बारे में बताते हैं। वो सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी में बिजनेस मैनेजमेंट के स्टूडेंट हैं। उन्होंने हाल में सिंगापुर में दो परीक्षाएं पास कीं और रियल स्टेट एजेंट बने। इसके बाद उन्होंने परीक्षा के अपने नोट्स ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध करवाए। वो इन नोट्स को माइंड मैप्स कहते हैं।

विज्ञापन


 

चाउ पहले ऐसे नहीं हैं जिन्होंने अपनी इस तरह की कामयाबी से पैसा कमाने की कोशिश की है या फिर कमाने में कामयाब भी रहे हैं लेकिन उनके नोट्स की अप्रत्याशित रूप से काफी मांग हो रही है।

नोट्स की मांग
वे अब तक करीब 1,500 माइंड मैप्स बेच चुके हैं. कभी-कभी उन्होंने एक हफ़्ते में 1000 अमरीकी डॉलर भी कमाए हैं। उन्होंने अपने स्टडी मैटेरियल को व्यापार में तब्दील कर दिया है। सिंगापुर में रियल स्टेट के बिज़नेस में किसी को एजेंट बनने के लिए कम से कम 60 घंटे का कोर्स करना पड़ता है और दो हिस्सों में बंटी परीक्षा पास करनी होती है. इस परीक्षा को आरईएस की परीक्षा कहते हैं। चाउ कहते हैं, "यह कोई आसान प्रक्रिया नहीं है। जैसा कि आप जानते हैं कि सिंगापुर में नियमों पर काफी जोर होता है। मैंने यह महसूस किया कि पढ़ाई के तत्काल और तेज़ पद्धति की जरूरत की काफी मांग है।"

 

यूजर्स शुल्क देकर उन '16 माइंड मैप' को डाउनलोड कर सकते हैं जिसका इस्तेमाल परीक्षा में चाउ ने किया था। माइंड मैप्स वाकई में कंसेप्ट और आइडिया का ग्राफिक चित्रण हैं. इससे दिमाग में कंसेप्ट को आसानी से समझने और उसे एक-दूसरे के साथ जोड़ने में मदद मिलती है। चाउ के माइंड मैप में लीगल और मार्केटिंग कंसेप्ट के अलावा गणित के फॉर्मूले, टेबल और सिलेबस की कई दूसरी चीजें भी शामिल हैं

'भाषा अनिवार्य जरूरत नहीं'
वो 14 साल की उम्र से प्रैक्टिस कर रहे हैं और तीन साल पहले स्कूबा डाइविंग के मास्टर बने हैं. वो इसके साथ ही स्कूबा डाइविंग के क्षेत्र में इंस्ट्रक्टर भी बन चुके हैं। वो समूह में लोगों को समुद्र घुमाने ले जाते हैं और अक्सर फ़िलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया में खूबसूरत जगहों पर डाइविंग के लिए ले जाते हैं।

वो कहते हैं कि, "डाइविंग इंस्ट्रक्टर के तौर पर आप यह महसूस करेंगे कि भाषा संवाद के लिए अहम तो है लेकिन अनिवार्य जरूरत नहीं है। "आप पानी के अंदर बात करने में सक्षम नहीं होते हैं। आप 'हैलो' या फिर 'मेरा मास्क लीक कर रहा है' जैसी बात पानी के अंदर नहीं बोल पाते हैं. हर कुछ चेहरे के भाव और हाथ के इशारों से समझाना पड़ता है।''

 
विज्ञापन

चाउ का कहना है कि डाइविंग की वजह से उन्हें दो अतिरिक्त खूबियाँ सीखने को मिली, पहला दूसरी संस्कृति के ऐसे लोगों और छात्रों के साथ जुड़ना जिनकी डाइविंग में दिलचस्पी है, और दूसरी बात एडवेंचर का आनंद लेना सीखा। वो बताते हैं, मेरे जैसे सिंगापुर के शांत माहौल में पले-बढ़े लड़के लिए यह खास था। चाउ अपनी मेक्सिको सिटी के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पहुँचने की कहानी सुनाना पसंद करते हैं। वो कहते हैं कि बाहर जाने वाले बिजनेस मैनेजमेंट के छात्र के लिए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर टावर पहुँचना एक उपलब्धि की तरह है और मैं बेकरारी के साथ इसे चाहता था।

मेक्सिको का सपना
चाउ पिछले साल मेक्सिको के प्यूबला में एक एक्सचेंज कार्यक्रम के दौरान गए थे। उन्होंने बताया कि प्यूबला एक 'खूबसूरत और शांत' जगह है और मेक्सिकन लोग काफी 'दोस्ताना' हैं। उन्हें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में कोई नियुक्ति तो नहीं मिली लेकिन 27वें मंजिल पर एक छोटी सभी के दौरान उन्हें अपनी बात रखने का मौका जरूर मिला. उन्हें लगा कि उनका सपना पूरा हो गया है।

वहाँ मौजूद क्यूबाई मैनेजर पहले तो उन्हें देखकर अचरज में पड़ गए लेकिन फिर उन्होंने सिंगापुर के एजुकेशन सिस्टम को समझने में अपनी दिलचस्पी दिखाई। मेक्सिको से लौटने के पहले चाउ एक बार फिर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गए। क्यूबाई मैनेजर और उनकी टीम ने वहाँ उनका स्वागत किया।

एचआर एक्सपर्ट्स ने जब उनका पर्सनैलिटी टेस्ट लिया तो उनकी कम्युनिकेशन शैली पर उन्हें बहुत अच्छे नंबर मिले। चाउ की कंपनी आरईएस ट्यूटर आरईएस की परीक्षा की तैयारी में मदद करती है. इस परीक्षा को पास करके छात्र सिंगापुर में रिएल स्टेट सेक्टर में एजेंट बनते हैं। वो कहते हैं कि वो अपना व्यवसाय आईटी सर्टिफिकेशन के बाज़ार तक भी फैलाना चाहते हैं. लेकिन इसके साथ ही वो यह जांच कर लेना चाहते हैं कि उनका मॉडल कितना काम करेगा। चाउ ख़ुद एक रियल एस्टेटर कारोबारी नहीं बनना चाहते, वो सिर्फ़ अपनी मां की मदद करना चाहते हैं जो 30 सालों से रियल स्टेट के धंधे में हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें