महाराष्ट्र बोर्ड ऑफ हायर एजूकेशन
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महाराष्ट्र में शिक्षा विभाग राज्य के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों की समस्याओं पर प्रत्येक महीने के सोमवार को सुनवाई करेगा। महाराष्ट्र सरकार की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने यह जानकारी देते हुए कहा कि हाल ही में लिए गए इस निर्णय से शिक्षण कार्य में उत्पन्न होने वाले व्यवधानों के निस्तारण में तेजी आएगी।
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि पूर्व में शिक्षा तंत्र की खामियों और स्कूलों में निम्न स्तर की सुविधाओं जैसे मुद्दों को लेकर बहुत बड़ी चूक हुई। शिक्षा व्यवस्था की खामियों को दूर करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कमेटी का गठन किया गया है।
मंत्री के आदेश के अनुसार स्कूली स्तर पर प्रधानाचार्य और शिक्षकगण कमेटी शिक्षा व्यवस्था से संबंधित शिकायतों और समस्याओं का निस्तारण करेगी। शिक्षकों की समस्याओं को जिला स्तर की कमेटी और जिले से सम्बंधित समस्याओं को शिक्षा अधिकारी सुनेंगे। इसके अलावा एक क्षेत्रीय कमेटी का गठन भी किया गया है जिसकी अध्यक्षता शिक्षा विभाग के उपनिदेशक करेंगे।
सभी कमेटी राज्य की शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने का के लिए जिम्मेदार होंगी। गायकवाड़ ने कहा कि किसी को भी छोटी समस्याओं को लेकर शिक्षा अधिकारी के पास नही जाना पड़ेगा। उनकी समस्याओं का निपटारा घरेलू स्तर पर ही हो जाएगा। सभी कमेटी प्रत्येक महीने के पहले सोमवार को समस्याओं के समाधान करने के लिए उपस्थित रहेंगी। ये कमेटी यूनिफॉर्म की अनुपलब्धता, शिक्षा संबंधित सूचना का अधिकार और हिंसा के लिए जवाबदेह होगी।
महाराष्ट्र के शिक्षकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। मुंबई स्थित स्कूल के एक शिक्षक का कहना है कि अधिकतर ऐसा होता है बहुत सी समस्याओं का समाधान ढूंढा ही नहीं जाता। समस्याओं के समाधान में देरी से शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है। सरकार को ये भी देखना होगा कि समस्याओं का समाधान समय पर किया जाए और कि ये सभी कमेटी अपना कार्य निरंतर करती रहें।