कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में शामिल उम्मीदवार अब परीक्षा के बाद अपने प्रश्न पत्र, उत्तर और सही उत्तर देख सकते हैं, क्योंकि आयोग ने अपनी परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई सुधार लागू किए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस कदम से उम्मीदवार उत्तर कुंजी को सबूतों के साथ चुनौती दे सकेंगे। साथ ही अपने निजी इस्तेमाल के लिए प्रतियां भी रख सकेंगे।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, यह कदम परीक्षा निष्पक्षता और उम्मीदवारों के कल्याण के बीच संतुलन बिठाते हैं, क्योंकि आयोग आने वाले महीनों में एक व्यस्त परीक्षा चक्र की तैयारी कर रहा है। एक प्रमुख सुधार प्रश्न पत्रों को जारी करने से संबंधित है। अधिकारियों ने कहा कि प्रश्नपत्र, संबंधित उम्मीदवार के उत्तर और सही उत्तर देखने की इस व्यवस्था पर प्रतिबंध केवल बहु-पाली परीक्षाओं के दौरान ही लागू होंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाद के सत्रों के प्रश्नपत्रों से कोई समझौता न हो।
एसएससी केंद्र सरकार की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसियों में से एक है, जिसका मुख्य कार्य विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में अराजपत्रित पदों के लिए चयन करना है। उम्मीदवारों की सहूलियत के लिए आयोग ने नियमित अंतराल पर चुनिंदा पिछले प्रश्नपत्रों को आधिकारिक नमूना सेट के रूप में प्रकाशित करने का भी निर्णय लिया है। इससे उम्मीदवारों को प्रामाणिक अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी और साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि आगामी परीक्षाओं की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहे।
प्रक्रिया को और अधिक उम्मीदवार-अनुकूल बनाने के लिए एसएससी ने चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के लिए शुल्क को आधा कर दिया है। अब यह 100 रुपये की जगह 50 रुपये प्रति प्रश्न होगा जिससे उन उम्मीदवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा जो किसी उत्तर पर आपत्ति करना चाहते हैं। बयान में कहा गया है कि पहले से मौजूद टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-309-3063 के अलावा, एक ऑनलाइन फीडबैक और शिकायत पोर्टल भी स्थापित किया गया है, जिससे उम्मीदवारों की चिंताओं का त्वरित निवारण संभव हो सकेगा।
इक्वी-पर्सेंटाइल की शुरुआत
बयान में बताया गया है कि सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक इक्वी-पर्सेंटाइल व्यवस्था को सामान्य बना है। यह विधि उम्मीदवारों की तुलना उनके मूल अंकों के बजाय उनके प्रतिशत अंकों के आधार पर करती है। यह विभिन्न परीक्षा पालियों में कठिनाई स्तरों में भिन्नता से उत्पन्न होने वाले किसी भी लाभ या हानि को दूर करता है। एसएससी प्रश्न पत्र अब एक डिजिटल वॉल्ट के माध्यम से सुरक्षित रूप से प्रेषित किए जाते हैं, जिससे उनके लीक होने की संभावना कम हो जाती है। आयोग ने हैकिंग या अन्य प्रकार की कदाचार को रोकने के लिए विशेष आईटी एजेंसियों को भी शामिल किया है।