एक हजार और 500 के नोटों का प्रचलन बंद करने की काट खोजने में जुटी कांग्रेस अब एक नया किस्सा सामने लेकर आई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय केंद्र के इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपनी कुर्सी बचाने की मुहिम करार दे रहे हैं। किशोर का यह कहना है कि प्रधानमंत्री से भाजपा के कई मुख्यमंत्री नाराज हैं और वे प्रधानमंत्री को कुर्सी से हटाने की मुहिम में जुटे हुए थे।
यहां स्वराज आश्रम में मीडिया से मुखातिब किशोर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी कुर्सी बचाने को करोड़ों देशवासियों को आफत में डाल दिया। भाजपा के एक मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में इतने डूबे हैं कि उनके यहां नोट पत्नी गिनती हैं। साथ ही नोट गिनने के लिए मशीनें तक उनके यहां लगी हैं।
सांसदों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए हुआ नोटबंदी का फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
पार्टी के ही कई वरिष्ठ नेताओं को किनारे करने की मुहिम से भाजपा के ही कुछ मुख्यमंत्री खासे नाराज थे। ये सभी भरोसेमंद सांसदों को साथ लेकर आगामी लोक सभा सत्र में मोदी को कुर्सी से हटाने की कोशिशों में लगे थे।
इसकी भनक लगने पर प्रधानमंत्री ने अचानक बड़े नोटों को बंद करने का ऐलान किया ताकि कोई भी सांसदों की खरीद फरोख्त न कर सके।
उपाध्याय ने कहा कि वह बृहस्पतिवार को दिल्ली में थे और यह बात उन्हें एक उच्चस्तर के खुफिया अधिकारी ने बताई है। किशोर के मुताबिक ऐसी क्या आपदा आ गई कि मोदी ने इतना बड़ा निर्णय लेने के लिए अपने मंत्रिमंडल तक को भरोसे में नहीं लिया।
पीएम पर आरबीआई गवर्नर के अतिक्रमण का आरोप
किशोर उपाध्याय
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प्रचलित किसी भी मुद्रा को प्रचलन से बाहर करने की घोषणा करने का अधिकार केवल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर को ही है। मोदी ने आरबीआई गवर्नर के अधिकारों का अतिक्रमण किया।
प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव के वक्त 20 दिन के अंदर विदेशों से काला धन लाने का वादा किया था। वह ये वादा तो पूरा कर नहीं पाए। क्या दो हजार का नोट आने से काले धन को बढ़ावा नहीं मिलेगा?