दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2018-19 में रेगुलर कॉलेजों में दाखिले के लिए तीन कट ऑफ जारी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) की दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि, एसओएल प्रशासन की ओर से इसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है, लेकिन डिस्टेंस एजूकेशन बोर्ड से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। दाखिला प्रक्रिया में देरी से कक्षाओं, परीक्षा और रिजल्ट सहित पूरे एकेडमिक कैलेंडर का शिड्यूल बिगड़ता जा रहा है।
एसओएल में दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण माना जा रहा है कि छात्रों को दाखिले के लिए कम दिन मिलेंगे। प्रशासन दाखिला प्रक्रिया के लिए पूरी तैयारी करके बैठा है, लेकिन अब तक डिस्टेंस एजूकेशन बोर्ड से मंजूरी नहीं मिल सकी है। इस सप्ताह एक बैठक होने जा रही है, जिसमें मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यदि प्रशासन को दाखिला करने की मंजूरी मिल जाती है तो अगले सप्ताह दाखिला प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
दरअसल, एसओएल में ऐसे छात्र दाखिला लेते हैं, जिनका दाखिला कम अंक होने के कारण रेगुलर कॉलेजों में नहीं हो पाता है। चूंकि एसओएल में भी पढ़ाई करने से डिग्री डीयू की ही मिलती है, लिहाजा छात्रों के बीच एसओएल की काफी लोकप्रियता बनी हुई है। ऐसे छात्र दाखिला प्रक्रिया की जानकारी लेने के लिए लगातार एसओएल के चक्कर काट रहे हैं।
बीते साल जून में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई थी। लेकिन इस बार एक माह की देरी पहले ही हो चुकी है। अगर समय से दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो छात्रों के लिए कक्षाएं भी लेट शुरू होंगी, फिर परीक्षा भी देर से होगी और रिजल्ट भी देरी से आएगा। एसओएल में जून से प्रक्रिया शुरू होने पर 31 अगस्त तक बिना लेट फीस के साथ दाखिला लेने के लिए समय मिलता है। जिसके बाद सितंबर के दूसरे सप्ताह तक लेट फीस के साथ दाखिला लिया जा सकता है।