मूर्ति ने कहा, "हमें अपने टीचर्स और शोधकर्ताओं के प्रति बहुत सम्मान दिखाना चाहिए और उनको बेहतर वेतन देना चाहिए। वे हमारे युवाओं के लिए आदर्श हैं। हमें अपने शोधकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं भी प्रदान करनी चाहिए। यही कारण है कि हमने 2009 में इंफोसिस पुरस्कार की स्थापना की। यह भारत में अनुसंधान को आगे बढ़ाने में हमारा छोटा सा योगदान है।"
मूर्ति ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "शिक्षक को प्रशिक्षित करें" कार्यक्रम साल भर का होना चाहिए, यहां इंफोसिस साइंस फाउंडेशन ने छह श्रेणियों में इंफोसिस पुरस्कार 2023 की घोषणा की।
इंफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने कहा "एक्सपर्ट्स ने मुझे बताया है कि चार ट्रेनर्स का एक सेट एक वर्ष में 100 प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और 100 माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को ट्रेंड कर सकता है। हम इस पद्धति से हर साल 250,000 प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और 250,000 माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने में सक्षम होंगे। ये प्रशिक्षित भारतीय शिक्षक पांच साल की अवधि में खुद भी ट्रेनर बन सकते हैं।"
मूर्ति ने कहा, "हमें प्रत्येक रिटायर्ड शिक्षक के लिए प्रति वर्ष लगभग 100,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना चाहिए। इस बीस-वर्षीय कार्यक्रम में प्रति वर्ष एक बिलियन अमेरिकी डॉलर और बीस वर्षों के लिए 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च आएगा। हमारा देश जल्द ही पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद का लक्ष्य बना रहा है। ऐसे में मुझे यह कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं लगता।''
उन्होंने कहा कि अगर आपको लगता है कि यह महंगा है, तो आपको हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष डेरेक बोक के शब्द याद करने चाहिए। उन्होंने कहा था, "If you think education is expensive, try ignorance"