लखनऊ के CMS अलीगंज से की स्कूली पढ़ाई
शुभांशु शुक्ला ने लखनऊ के अलीगंज स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से पढ़ाई की और वर्ष 2001 में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद साल 2003 में उन्हें एनडीए (नेशनल डिफेंस एकेडमी) में चयनित किया गया। ट्रेनिंग के दौरान ही उन्होंने विमानन क्षेत्र में विशेष दक्षता हासिल की और भारतीय वायुसेना में शामिल हो गए।
17 जून 2006 को शुभांशु भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट उड़ाने वाले दल का हिस्सा बने। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपनी मेहनत और कौशल के बल पर वह लगातार आगे बढ़ते गए और साल 2019 में उन्हें विंग कमांडर की रैंक प्राप्त हुई।
परिजन चाहते थे डॉक्टर बनें
भारतीय सेना में शामिल होने वाले शुभांशु शुक्ला अपने परिवार के पहले सदस्य हैं। जहां परिवार उन्हें डॉक्टर या सिविल सेवा में देखना चाहता था, वहीं उनका सपना सैन्य अधिकारी बनने का था। एक दिन उनका दोस्त एनडीए का फॉर्म लाया, लेकिन भरने से पीछे हट गया। मौके को पहचानते हुए शुभांशु ने वही फॉर्म भर दिया। किस्मत ने साथ दिया और उनका चयन एसएसबी और एनडीए दोनों में हो गया। उन्होंने एनडीए को चुना और यहीं से शुरू हुआ सेना का सफर।
अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने की अवधि
Axiom-4 मिशन के तहत 14 दिन तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर वैज्ञानिक शोध और शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लिया जाएगा। मिशन की कुल अवधि लगभग 336 घंटे (यानि 14 दिन + 28 घंटे यात्रा) मानी जा सकती है।